विधानसभा बजट सत्र का 9वां दिन: स्कूलों की बदहाली और बिजली अनियमितता पर जोरदार बहस
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन स्कूलों की अव्यवस्था और बिजली कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरा, जबकि मंत्रियों ने विभागीय जवाब पेश किए। पढ़ें आज की पूरी कार्रवाई।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज नौवां दिन राजनीतिक रूप से काफी गरम रहा। सदन में जहां विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई, वहीं सरकारी स्कूलों की बदहाली और बिजली कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
स्कूलों की स्थिति पर गरमाया सदन
कांग्रेस विधायक लखन ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में स्कूल भवन जर्जर हैं, शिक्षकों की कमी है और मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि शिक्षा के लिए बजट बढ़ाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार क्यों नजर नहीं आ रहा।
इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से स्कूलों के उन्नयन का काम कर रही है और रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। मंत्री ने दावा किया कि शिक्षा गुणवत्ता सुधार सरकार की प्राथमिकता है।
बिजली कार्यों में अनियमितता पर हंगामा
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने बिजली विभाग के कार्यों में कथित गड़बड़ियों का मामला उठाया। उन्होंने कुछ परियोजनाओं में गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए।
इस मुद्दे पर विपक्ष ने जवाबदेही तय करने की मांग की। ऊर्जा विभाग की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो रहे हैं और यदि कहीं शिकायत है तो जांच कराई जाएगी।
कुछ समय के लिए इस मुद्दे पर सदन में हंगामे की स्थिति भी बनी रही.
स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा
आज स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों की अनुदान मांगों पर करीब पांच घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई। विपक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति, डॉक्टरों की कमी और बजट उपयोग पर सवाल उठाए।
सरकार की ओर से संबंधित मंत्रियों ने विभागीय उपलब्धियों और योजनाओं का ब्यौरा पेश किया तथा दावा किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है।