Bhavishya ki 5 high paying jobs: भविष्य में होगा इन नौकरियों का बोलबाला; समय रहते सीख लीजिए यह 5 स्किल वरना हो सकते हैं बेरोजगार

Bhavishya ki 5 high paying jobs: समय के साथ-साथ भारत में अब रोजगार और करियर की परिभाषाएं बदलती जा रही हैं। सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में भी ये असर देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं भविष्य की कुछ ऐसी स्किलफुल जॉब्स के बारे में जो आपका अच्छा करियर ऑप्शन बन सकती है।

Update: 2026-01-31 06:06 GMT

Bhavishya ki 5 high paying jobs: समय के साथ-साथ भारत में अब रोजगार और करियर की परिभाषाएं बदलती जा रही हैं। सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में भी ये असर देखने को मिल रहा है। अब से पहले जो करियर ऑप्शन नंबर एक पर हुआ करते थे वे आने वाले कुछ दशकों में पूरी तरह से बदलने होने वाले हैं। अब का जमाना पूरी तरह से टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बेस्ड होने वाला है और आने वाले करियर ऑप्शंस भी इसी के इर्द–गिर्द रहने वाले हैं। अब किसी बड़ी जगह पर अच्छी पोजीशन में काम करने के लिए डिग्री से ज्यादा स्किल की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में लोगों को यह चिंता बनी रहती है कि वे किस स्किल को सीखें और उस पर महारत हासिल करें। आइए जानते हैं भविष्य की कुछ ऐसी स्किलफुल जॉब्स के बारे में जो आपका अच्छा करियर ऑप्शन बन सकती है।

1. क्लाउड सिक्योरिटी एक्सपर्ट/cloud security expert

वर्तमान में अब सभी कंपनियां क्लाउड बेस्ड स्टोरेज का इस्तेमाल कर रही है जिसमें कि वह अपने सभी महत्वपूर्ण जानकारी को स्टोर करने का काम करती हैं। खुद का स्टोरेज सिस्टम बनाने में काफी ज्यादा खर्च आ जाता है ऐसे में यह कंपनियां AWS, Microsoft Azure, Google Cloud जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल करती हैं। क्लाउड सिक्योरिटी एक्सपर्ट का यह कार्य होता है कि वे कंपनी की जानकारी को सुरक्षित रखते है और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी करते है। क्लाउड सिक्योरिटी एक्सपर्ट बनने के लिए आपको नेटवर्किंग और कोडिंग लैंग्वेज आनी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आपके पास CCSK (certificate of cloud security knowledge) का सर्टिफिकेशन भी होना चाहिए।

2. एआई और डेटा साइंटिस्ट/ AI and data scientist

घर में लाइट ऑन करने से लेकर अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने तक सभी में एआई और डेटा साइंस का उपयोग हो रहा है। भारत देश भी इस क्षेत्र में विकसित होने की राह पर है, जिसके लिए यहां भविष्य में डेटा साइंटिस्ट और AI प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ने वाली है। आने वाले समय में यह हर युवा के लिए एक अच्छा करियर ऑप्शन बन सकता है। एक ऐसा भी समय आएगा जब हर बड़े स्टार्टअप और कंपनी में AI स्पेशलिस्ट और मशीन लर्निंग इंजीनियर की जरूर पड़ने वाली है। इस स्केल के बदौलत आपको बिना डिग्री के हाई पेइंग जॉब मिल सकती है। डाटा साइंटिस्ट बनने के लिए आपको मशीन लर्निंग और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे python आदि का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

3. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट/Cybersecurity Expert

जैसा कि हमने पहले बताया कि आने वाला समय AI, इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का होने वाला है तो इसे में हैकर्स द्वारा कंपनी के सिस्टम में घुसकर उसकी खुफिया जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह कंपनियां साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट को हायर करती है जो कंपनी की जानकारी और पूरे सिस्टम को सुरक्षित रखने का कार्य करता है। अगर आपने एक बार नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग और पेनिट्रेशन टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल कर लिया तो आपके पास कभी काम की कमी नहीं रहने वाली है।

4. गिग वर्कर और फ्रीलांसिंग/Gig Worker and freelancing

वैसे तो गिग वर्किंग और फ्रीलांसिंग को एक अस्थाई जॉब के रूप में देखा जाता है लेकिन अब समय बदलते जा रहा है जहां लोग इसे स्थायी करियर ऑप्शन के रूप में अपनाने लगे हैं। भारत के लोगों में इसकी शुरुआत एक साइड इनकम करने के तौर पर हुई थी लेकिन अब भारत देश फ्रीलांसिंग में दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। अब भारत सरकार द्वारा भी गिग वर्कर्स को ई-श्रम रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और मातृत्व लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। गीग़ वर्किंग में आप सिर्फ एक स्थाई पेमेंट पर काम नहीं करते बल्कि आप अपनी स्किल के हिसाब से पेमेंट चार्ज कर सकते हैं। इसमें हर प्रकार के कार्य जैसे– फोटो/वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइन, वेबसाइट मेकिंग, ऑनलाइन ट्यूटर आदि के काम ऑनलाइन घर बैठे कर सकते है।

5. नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नौकरियां/jobs in renewable energy

विश्व में जिस तरह से प्रकृति का दोहन और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले 100 सालों में प्राकृतिक संसाधन नाम मात्र के ही बचने वाले हैं। जिसको लेकर कई देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर अनेक समझौते हो रहे हैं और इन सब समझातों का निष्कर्ष यह निकलता है कि हमें अधिक से अधिक ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ना चाहिए। इसलिए इस सेक्टर में भी सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंट्स, एनवायरनमेंट इंजीनियर, ग्रीन एनर्जी स्पेशलिस्ट और असिस्टेंट एनर्जी एनालिस्ट जैसे जॉब्स बढ़ने वाले है। इसमें आपको सोलर सिस्टम और विंड टरबाइन जैसे उपकरणों का विश्लेषण करना, लोगों को इसके प्रति जागरूक करना और इसके उपकरणों को इंस्टॉल करना जैसे कार्य करने होते हैं। अब भारत सरकार भी अपने कई योजनाओं जैसे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम योजना और सौर पार्क योजना के तहत रिन्यूएबल एनर्जी की ओर कदम बढ़ा रही है।

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