Signs Of Healthy Body In Hindi : करीना कपूर की डाइटिशियन ने बताए बढ़ती उम्र के साथ अच्छी सेहत को जांचने के 3 पैरामीटर कौन से हैं, आप भी परखिए
Signs Of Healthy Body In Hindi: अपनी सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए कोशिश करते रहना चाहिए और अगर नहीं है तो आपको इसके लिए तुरंत प्रयास करना शुरु करना चाहिए। आइये जानते हैं करीना कपूर की डाइटिशियन ने क्या बताया।
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Signs Of Healthy Body In Hindi: सेलिब्रिटी डाइटिशियन रुजुता दिवेकर हमेशा स्वास्थ्य पर अच्छे-अच्छे टिप्स देती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र के बावजूद भी आपकी सेहत कितनी अच्छी है इसे आप तीन पैरामीटर से परख सकते हैं। अगर आपमें यह तीन संकेत है तो आपको खुश होना चाहिए और लगातार अपनी सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए कोशिश करते रहना चाहिए और अगर नहीं है तो आपको इसके लिए तुरंत प्रयास करना शुरु करना चाहिए। आइये जानते हैं करीना कपूर की डाइटिशियन ने क्या बताया।
1. इंप्रूव्ड कैपेसिटी
आप यह जांचिये कि आपकी कैपेसिटी 2 साल पहले कितनी थी और आज कितनी है। आप 2 साल पहले के बजाय आज ज्यादा कमजोर हो गए हैं तो आपको सचेत होने की जरूरत है। बल्कि जो काम आपको 2 साल पहले अधिक मुश्किल लगते थे और आज आप उन्हें बेहतर तरीके से, आराम से और जल्दी कर पा रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपकी कैपेसिटी इंप्रूव हुई है और यही होना चाहिए। बढ़ती उम्र का अर्थ यह नहीं है कि आप कमजोर होते जाएं और अपनी बिगड़ती दशा को देखते रह जाएं। बढ़ती उम्र के साथ जूझने वाले वो होते हैं जो अपने आप को मजबूत बनाते जाएं तभी वे बुजुर्ग होने पर भी आत्मनिर्भर रह पाएंगे और छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरों पर डिपेंड नहीं होंगे। इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाएं।
2. मज़बूत इम्यूनिटी
दूसरा काम आपको यह करना है कि अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान दें। उम्र बढ़ने के साथ अगर आप बार-बार बीमार पड़ने लग गए हैं, जब देखो तब आपको सर्दी-जुकाम हो जाता है, आपका शरीर टूटने लगता है, आपकी काम करने के लिए खड़े होने की हिम्मत नहीं होती, तो आपकी इम्यूनिटी कमजोर है। जो आपको दिन पर दिन कमजोर करती जाएगी। इसके बजाय अगर आप अपने परिवार के साथ किसी टूर से आकर भी मस्त-मुस्तैद हैं, अपना काम इज़ीली कर पा रही हैं और सर्दी-जुकाम, फ्लू आदि के शिकार नहीं हो रहे हैं तो मतलब कि आपकी इम्यूनिटी मजबूत है और यही आपकी असली पूंजी है क्योंकि आपको जब-तब दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती।
3.मानसिक संतुलन
बढ़ती उम्र के साथ आपका मानसिक संतुलन (composure) भी बेहतर होना चाहिए। ज़िदगी ने आपको तमाम अनुभव दिए लेकिन अगर आप आज भी छोटे-मोटे नेगेटिव कमेंट से अपना मानसिक संतुलन बिगाड़ लेते हैं, गुस्सा हो जाते हैं, दिनभर तनाव में रहते हैं तो इसका आशय है कि आप उम्र के साथ मानसिक दृढ़ता नहीं कमा पाए। और इसका आपकी सेहत पर भी नेगेटिव असर पड़ना ही है। इसलिए प्रयास करें कि आपका मानसिक संतुलन बेहतर हो, आप नेगेटिव कमेंट्स को झेल पाएं और अपने आप को शांत रख पाएं। तभी बढ़ती उम्र में आपका मानसिक संतुलन बेहतर रहेगा।