Mahilaon me Decision Fatigue kya hota hai: कम शारीरिक कार्य करने पर भी महिलाएं, पुरुषों से अधिक थकान क्यों महसूस करती है? पुरुषों को जरूर जानना चाहिए!

Mahilaon me Decision Fatigue kya hota hai: क्या आपको पता है कि महिलाएं, पुरुषों से कम शारीरिक मेहनत करके भी अधिक थकान क्यों महसूस करती हैं?

Update: 2026-02-06 12:48 GMT

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Mahilaon me Decision Fatigue kya hota hai: क्या आपको पता है कि महिलाएं, पुरुषों से कम शारीरिक मेहनत करके भी अधिक थकान क्यों महसूस करती हैं? अक्सर पुरुष वर्ग के मन में यह सवाल जरूर रहता है कि महिलाएं तो केवल घर का ही काम करती है जिसमें कई घरों में नौकर और अन्य सदस्य भी हाथ बटांते हैं तो ऐसे में वे हमसे भी अधिक थकी हुई क्यों रहती है। महिलाओं के थकान के पीछे कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हुए हैं, जिन्हें जानना अतिआवश्यक है। आइए जानते हैं वह कौन सी चीजे हैं जो महिलाओं को कम शारीरिक श्रम के पुरुषों से अधिक थका देती है।

छोटे-छोटे फैसलों (Decision Fatigue) से महिलाएं हो जाती है कमजोर

बिना अधिक शारीरिक श्रम के महिलाओं में थकान का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक कारण है डिसीजन फटीग अर्थात दिनभर लगातार छोटे-छोटे फैसले लेने से होने वाला मानसिक थकान। अक्सर यह देखा गया है कि जब कोई इंसान बहुत सारे निर्णय एक साथ लेता है तो उसके मस्तिष्क में सही निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है और वह इंसान तनाव और चिड़चिड़ापन से ग्रस्त हो जाता है।

जब हम एक महिला के पूरे दिन पर नजर डालते हैं तो हमें पता चलता है कि वह घर में कितने सारे निर्णय लेती हैं। उन्हें सुबह उठते ही काम की एक सूची तैयार करनी होती है, आज दिन भर में क्या बनाना है, कौन क्या खाएगा, किसको कौनसी दवाई देनी है। ये सभी छोटे-छोटे फैसले दिन भर घरेलू महिलाओं के मन में चलते रहते हैं, जो उन्हें काफी थका देती है। हालांकि महिलाएं, पुरुषों से कम शारीरिक कार्य जरूर करती हैं लेकिन मानसिक रूप से देखे तो उनका कार्य पुरुषों से भी अधिक होता है। जिस वजह से महिलाएं, पुरुषों के शारीरिक थकान से भी अधिक मानसिक थकावट महसूस करती है।

महिलाओं में थकान के कुछ अन्य कारण

1. आयरन की कमी

महिलाओं का शरीर पुरुषों से काफी अलग होता है और इनमें आयरन की कमी भी पुरुषों से अधिक होती है। महिलाओं के मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान होने वाले (anemia) रक्ताल्पता में जब खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है तो महिलाओं के शरीर में आयरन भी कम हो जाता है और शरीर के सभी अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता, जिसकी वजह से थकावट महसूस होती है।

2. विटामिन D की कमी

अधिकतर महिलाओं का दिन सिर्फ घर के कामों में बीत जाता है और वह बाहर सूर्य की रोशनी में ज्यादा नहीं निकाल पाती। जिस वजह से इनमें विटामिन डी की कमी अक्सर देखी जाती है। विटामिन डी हमारे शरीर में हड्डियों के बारे में होती है और ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसे भी महिलाओं में थकान का कारण बताया जा सकता है।

3. थायराइड ग्रंथि का ठीक से काम न करना

मनुष्य के शरीर में विकास, पाचन और सांस लेने जैसी चयापचय गतिविधियों का संचालन थायराइड ग्रंथि द्वारा होता है। यह ग्रंथि गले में स्थित होती है और कई प्रकार के हार्मोन का स्त्राव करती रहती है। जब भी थायराइड ग्रंथि के हार्मोन कम या ज्यादा स्रावित होते हैं तो थकान अधिक महसूस होती है।

4. नींद में कमी आना

महिलाओं के शरीर में थकान का एक और सबसे बड़ा कारण होता है नींद कम लेना। महिलाएं घरों में दिनभर शारीरिक और मानसिक दोनों क्रियाएं एक साथ करती है और ऐसे में यदि उनकी नींद में कोई समस्या आती है तो पूरे दिन भर थका हुआ महसूस कर सकती है। दिनभर के काम से जो ऊर्जा नष्ट हो जाती है वह फिर से नींद के माध्यम से पूरी होती है इसलिए महिलाओं को पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता है।

5. निर्जलीकरण(Dehydration) होने पर थकान

घरों में महिलाएं अक्सर अपने काम में व्यस्तता की वजह से 2–3 ली. पानी भी नहीं पी पाती है, जिससे उनके शरीर में जल की मात्रा काफी कम हो जाती है और शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। इसके साथ ही पौष्टिक भोजन नहीं करना भी महिलाओं में थकान का कारण बन सकता है।

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