COLD TIPS : क्या आपको भी लगती है जरुरत से ज्यादा ठण्ड... तो इस चीज की है कमी, जानिए कैसे होगी दूर

COLD TIPS : जब शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो रक्त संचार प्रभावित होता है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इसकी वजह से सामान्य से अधिक ठंड लगने लगती है।

Update: 2026-01-06 06:41 GMT

KIS BIMARI SE JYADA THAND LAGATI HAI : ठण्ड के दिनों में ठंडी लगना आम बात है. पर कुछ लोगों को जरुरत से ज्यादा ठण्ड लगती है. उनको थोड़ी सी ही ठंडी में हाथ पैर ठिठुरने लग जाते हैं.  वे कांपते रहते हैं. क्या आप भी ऐसे ही है ? क्या आपको पता है, ऐसा आखिर आपके बॉडी में क्यों होता है ? आखिर इसके पीछे क्या कारण है ? तो चलिए फिर जानते हैं क्या है इसके पीछे लॉजिक. 


अगर वूलन पहनने के बाद भी भीतर से ठिठुरन महसूस करते हैं, तो यह सिर्फ बाहरी तापमान का असर नहीं, बल्कि आपके शरीर में किसी कमी का संकेत हो सकता है। हमारा शरीर आंतरिक तापमान को बनाए रखने के लिए एक जटिल 'थर्मोरेगुलेशन' प्रणाली का उपयोग करता है, जिसके लिए विशिष्ट विटामिन्स और मिनरल्स की आवश्यकता होती है। जब शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो रक्त संचार प्रभावित होता है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है।

इसकी वजह से शरीर पर्याप्त गर्मी पैदा नहीं कर पाता और व्यक्ति को सामान्य से अधिक ठंड लगने लगती है। यह स्थिति अक्सर एनीमिया या थायराइड की समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। इसलिए कड़ाके की ठंड से बचने के लिए केवल हीटर पर निर्भर रहने के बजाय अपनी थाली में सुधार करना और शरीर की आंतरिक हीटिंग प्रणाली को सक्रिय करना अनिवार्य है।




 आयरन और विटामिन B12 की कमी

अत्यधिक ठंड लगने का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी है। आयरन हीमोग्लोबिन बनाता है, जो कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, इसकी कमी से शरीर 'कोल्ड सेंसिटिव' हो जाता है। इसके अलावा, विटामिन B12 की कमी से नसें प्रभावित होती हैं, जिससे हाथ-पैर सुन्न और ठंडे रहते हैं। मैग्नीशियम और फोलेट भी मांसपेशियों के संकुचन और शरीर को गर्म रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अधिक ठंड लगने पर तुरंत क्या करें ?

  • हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग करें। शारीरिक गतिविधि से रक्त संचार तेज होता है, जिससे शरीर तुरंत गर्म होने लगता है। 
  • एक गिलास गुनगुना पानी या अदरक की चाय पिएं।
  • खाली पेट रहने से बचें क्योंकि जब शरीर भोजन को पचाता है, तो प्राकृतिक रूप से आंतरिक गर्मी पैदा होती है।



 खान-पान में करें ये जरूरी बदलाव

  • आंतरिक गर्माहट के लिए अपनी डाइट में गुड़, मूंगफली, खजूर और बाजरा जैसे गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  • लहसुन और अदरक का सेवन बढ़ाएं, क्योंकि ये रक्त वाहिकाओं को फैलाते हैं और खून के बहाव को बेहतर करते हैं।
  • अगर आहार के बावजूद समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श कर अपना 'ब्लड टेस्ट' जरूर करवाएं ताकि पोषक तत्वों की सटीक स्थिति का पता चल सके।


बचाव के उपाय

  • ज्यादा ठंड लगने की समस्या को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह कमजोर इम्यूनिटी का भी संकेत हो सकता है।
  • रात को पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें, क्योंकि मानसिक थकान भी शरीर की तापमान सहने की क्षमता को घटा देती है।
  • पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार और नियमित योग के माध्यम से आप अपनी 'बायोलॉजिकल हीटिंग' को मजबूत कर सकते हैं, जिससे आप भीषण ठंड का सामना बिना बीमार पड़े कर सकेंगे।
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