Bajre Ki Roti Khane Ke Nuksan: बाजरे की रोटी के सिर्फ फायदे ही नहीं, नुकसान भी हैं, जाने किन लोगों को करना चाहिए अवॉइड

Bajre Ki Roti Khane Ke Nuksan: सर्दियों में बाजरे की रोटी और बाजरे से बने अन्य व्यंजन बहुत शौक से खाए जाते हैं। बाजरे में ढेरों ऐसे गुण हैं जो आपको गेहूं की रोटी से भी नहीं मिलते।

Update: 2026-01-06 10:06 GMT

Bajre Ki Roti Khane Ke Nuksan: सर्दियों में बाजरे की रोटी और बाजरे से बने अन्य व्यंजन बहुत शौक से खाए जाते हैं। बाजरे में ढेरों ऐसे गुण हैं जो आपको गेहूं की रोटी से भी नहीं मिलते। बाजरा फाइबर, विटामिन्स (खासकर बी काॅम्प्लेक्स ) और प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, आयरन जैसे अनेक मिनरल्स से भरा होता है इसलिए इसके अनेक हेल्थ बेनिफिट्स है। इसके बावजूद कुछ लोगों के लिए बाजरे का सेवन सही नहीं है और उन्हें इसका सेवन कभी-कभार ही सीमित मात्रा में करना चाहिए। आइये जानते हैं बाजरे की रोटी खाने के साइड इफैक्ट्स।

एसेंशियल अमीनो एसिड की कमी

बाजरे की रोटी में लाइसिन नाम के एसेंशियल अमीनो एसिड की कमी होती है। जब बॉडी में लाइसिन की कमी होती है तब बॉडी बाकी के जरूरी अमीनो एसिड को यूटिलाइज़ नहीं कर पाती और पर्याप्त प्रोटीन नहीं बना पाती जिससे शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है।

मिनरल्स के एब्ज़ार्पशन में दिक्कत

बाजरे की रोटी के नियमित सेवन से शरीर को जिंक और आयरन, कैल्शियम जैसे मिनरल्स के अवशोषण में दिक्कत आती है। बाजरे में फाइटिक एसिड होता है जो इनके अब्जॉर्प्शन में बाधा डालता है और शरीर में इन ज़रूरी मिनरल्स की डिफिशिएंसी का कारण बन सकता है। इसलिए लगातार बाजरे की रोटी ना खाएं। बदल-बदल कर तरह-तरह के आटे की रोटी खाएं या फिर इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी बनाएं।

गैस और अपच

बाजरे का आटा थोड़ा मोटा होता है, कोर्स होता है, इसमें फाइबर ज्यादा होता है इसलिए बहुत से लोगों के लिए इसे पचाना आसान नहीं होता और उनके पेट में गैस बनने लगती है, उन्हें अपच होने लगता है। ज्यादा फाइबर वाली चीज़ें लेने और पर्याप्त पानी न पीने से कब्ज़ भी हो सकती है। अगर आप प्रायः गैस और ब्लोटिंग से परेशान रहते हैं तो बाजरे के आटे की रोटी को अवॉइड करें। साथ ही खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बाजरे की रोटी खिलाने से बचना चाहिए क्योंकि उनका पाचन कमज़ोर होता है। वरना उन्हें कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

थायराॅइड के पेशेंट न खाएं

बाजरे के आटे में गोइट्रोजेनिक तत्व पाए जाते हैं, जो थायरॉइड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने में बाधा डालते हैं। यह तत्व शरीर में आयोडीन के एब्ज़ार्पशन को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए थायराइड पेशेंट को बाजरे की रोटी के सेवन से परहेज करना चाहिए।

कमजोर किडनी वाले न खाएं

वे लोग जिनकी किडनी कमजोर है, उन्हें भी बाजरे की रोटी खाने से परहेज करना चाहिए। बाजरे के आटे में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है जो इनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

ज्यादा घी से कैलोरी बढ़ती है

बाजरे की रोटी को सूखा खाना आसान नहीं है। इसका टेक्सचर थोड़ा रफ होता है और इसमें पर्याप्त मात्रा में घी लगाकर ही खाया जाता है। और इस वजह से ये कैलोरी डैंस हो जाती है। इसलिए अगर आप फैट घटाना चाहते हैं। कम कैलोरी लेना चाहते हैं तो बाजरे की रोटी आपके प्रयासों पर पानी फेर सकती है।

गर्भवती महिला लें डॉक्टर की सलाह

बाजरे की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्भवती महिला को इसकी रोटी के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

लो ब्लड प्रेशर वाले करें अवाॅइड

इसी तरह वे लोग जिनका ब्लड प्रेशर लो रहता है उन्हें भी बाजरे की रोटी सावधानीपूर्वक ही कम मात्रा में खानी चाहिए क्योंकि यह ब्लड के सर्कुलेशन को प्रभावित करता है।

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