Kharate kyun aate Hain: खर्राटों को हल्के में न लें; एक छोटी सी गलती और हो सकते हैं गंभीर रोग! जानिए आखिर क्यों आते हैं खर्राटे?
Kharate kyun aate Hain: जब भी कोई व्यक्ति रात के शांत वातावरण में सोते वक्त खर्राटे की आवाज निकालता है, तो यह आवाज कई बार अन्य लोगों को परेशान कर देती है या फिर खर्राटे निकालने वाला व्यक्ति मजाक का पात्र बन जाता है। यह समझने की कोशिश करेंगे कि हमें खर्राटे क्यों आते हैं और इसका किन बीमारियों से संबंध है।
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Kharate kyun aate Hain: जब भी कोई व्यक्ति रात के शांत वातावरण में सोते वक्त खर्राटे की आवाज निकालता है, तो यह आवाज कई बार अन्य लोगों को परेशान कर देती है या फिर खर्राटे निकालने वाला व्यक्ति मजाक का पात्र बन जाता है। लोगों को लगता है कि यह खर्राटे मारना सामान्य सी बात है जो की नींद के गहरे होने पर अपने आप निकलने लगती है। सोते वक्त खर्राटे निकालना भी आपको कई बीमारियों के संकेत देता है जिसे लोग नहीं समझ पाते और इन्हीं बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। यह समझने की कोशिश करेंगे कि हमें खर्राटे क्यों आते हैं और इसका किन बीमारियों से संबंध है।
खर्राटे मारना किसे कहते हैं/what is snoring
आपने यह गौर किया होगा कि खर्राटे अधिकतर वयस्क लोगों में देखे जाते हैं क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ गले की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। जब भी मनुष्य में गले की मांसपेशियां कुछ ज्यादा ही ढीली हो जाती है तो इससे स्वासनली में वायु का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है और इस संकरे वायु मार्ग में जब हवा शरीर के अंदर जाती है तो यह तालु को कंपन करते हुए बाहर निकलती है। इसी कंपनी को हम खर्राटे कहते हैं। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
खर्राटे आखिर क्यों आते हैं?
1. वजन है सबसे मुख्य वजह– जब भी व्यक्ति के अंदर मोटापा अधिक बढ़ जाता है तो गर्दन के आसपास फैट जमा हो जाती है और यही फैट गले की मांसपेशियों पर दबाव डालता है जिससे गले में वायुनली हल्की सी दब जाती है, यही कारण है कि मोटे लोगों में खर्राटे की समस्या भी अधिक होती है।
2. उम्र के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना– जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है वैसे ही गले की मांसपेशियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं जिस वजह से खर्राटे अधिक आते हैं।
3. नशीले पदार्थों का सेवन– ऐसे व्यक्ति जो अधिक नशीले चीजों का उपभोग करते हैं उनमें खर्राटे की समस्या भी अधिक होती है क्योंकि जब भी कोई व्यक्ति शराब का सेवन करके सोता है तो गले की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है।
4. सोने का तरीका– खर्राटे आने का मुख्य कारण लोगों के सोने के तरीके भी हैं। जो व्यक्ति पीठ के बल लेट कर सोता है उसके नाक पर अधिक दबाव पड़ता है और जैसे ही सांस लेने में कोई समस्या होती है तो खर्राटे आने शुरू हो जाते हैं।
खर्राटे के पीछे छिपे हो सकते हैं यह गंभीर खतरे
1. ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया
खर्राटे लेना हर बार आवाज करना ही नहीं होता कई बार इसके पीछे गंभीर बीमारियां भी छपी हो सकती हैं। खर्राटे से जुड़ी एक समस्या जो बहुत ही खतरनाक है वह है ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया। इसमें व्यक्ति की सांस चलती तो है पर रुक-रुक कर अर्थात जब व्यक्ति सो रहा होता है तो कुछ समय के लिए सांस रुक जाती हैं फिर से सांस चलने लग जाती है। कई बार जोर-जोर से खर्राटे लेना और फिर अचानक चुप हो जाना इसी बीमारी का लक्षण हो सकता है।
2. हार्ट के लिए बन सकता है खतरा
यदि आपको प्रतिदिन लंबे खर्राटे आते है, तो इस स्थिति में शरीर के अंदर वायु अवरुद्ध हो सकती है और यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो हृदय पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा जो आपके हार्ट स्ट्रोक और हार्ड डिजीज का कारण भी बन सकता है।
3. शरीर में ऑक्सीजन की कमी
रात में खर्राटों की अधिकता के कारण blood Vessels में कांट्रेक्शन शुरू हो जाता है जिससे पलमोनरी हाइपरटेंशन की स्थिति पैदा हो जाती है और इसी वजह से ही शरीर में ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती है। यदि आपको भी लगातार तेज खर्राटे आते हैं तो इसका उचित उपचार या डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए