CG School Education News: RTE पढ़ाई के एवज में बढ़ाएं फीस, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र, हाई कोर्ट के आदेश का दिया हवाला और ये कहा...
CG School Education News: RTE शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को पढ़ाने के एवज में एसोसिएशन ने प्रति छात्र फीस में बढ़ाेतरी को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखा है। लिखे पत्र में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है, मांग पर सरकार की ओर से अनिर्णय की स्थिति में असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा। देखें एसोसएिशन का पत्र।
सोर्स- इंटरनेट, एडिट- npg.news
CG School Education News: रायपुर। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को पढ़ाने के एवज में एसोसिएशन ने प्रति छात्र फीस में बढ़ाेतरी को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखा है। लिखे पत्र में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है, मांग पर सरकार की ओर से अनिर्णय की स्थिति में असहयोग आंदोलन चलाने की चेतावनी भी दी है।
बिलासपुर। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने गत 13 वर्षों से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि को नहीं बढ़ाने को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपने अंतिम आदेश में 6 माह के भीतर बिलासपुर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की मांगों पर निर्णय लेने के का निर्देश राज्य शासन को दिया था।
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने पत्र में लिखा है, शिक्षा के अधिकार कानून RTE के तहत स्कूलों को प्रदाय की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि राशि प्रति विद्यार्थी, प्रति वर्ष प्राथमिक कक्षाओं में 7000 से बढ़कर 18000, माध्यमिक कक्षाओं में 11,500 से बढ़ाकर 22,000 एवं हाई व हायर सेकंडरी की अधिकतम सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये तक किया जाए, तथा ये बढ़ी हुई राशि पिछले 3 वर्षों से प्रदान की जाए।
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने पत्र में लिखा है, यह अत्यंत खेद का विषय है की गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले व्यय पर स्कूल शिक्षा विभाग संवेदनहीन है, और हाई कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रहा है। एसोसिएशन ने 19 सितंबर 2025 को जारी हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी भी पत्र के साथ शिक्षा मंत्री व सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को संलग्न किया है। एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से चेतावनी भी दी है, हाई कोर्ट के आदेश के परिपालन और एसोसिएशन द्वारा मांगी जाने वाली फीस ना मिलने व सरकार की ओर से अनिर्णय की स्थिति में एसोसिएशन असहयोग आंदोलन के लिए विवश होगा।