सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था: अब दीवारों पर लगेगी शिक्षकों की पूरी प्रोफाइल, DEE ने जारी किए निर्देश

Rajasthan News: राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दीवारों में अब आपको शिक्षकों और कर्मचारियों की पूरी डिटेल्स देखने को मिलेगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग (DEE) ने हमारे शिक्षक-कार्मिक शीर्षक के साथ यह विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।

Update: 2026-03-07 04:47 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

जयपुर 07 मार्च 2026,  राजस्थान में जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दीवारों में अब आपको शिक्षकों और कर्मचारियों की पूरी डिटेल्स देखने को मिलेगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग (DEE) ने हमारे शिक्षक-कार्मिक शीर्षक के साथ यह विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। कहा जा रहा है कि इससे वास्तविक सत्यापन में आसानी होगी। 

प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश  

राजस्थान की प्रारम्भिक शिक्षा विभाग (DEE) ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि हमारे शिक्षक-कार्मिक शीर्षक के साथ स्कूल की दीवारों पर शिक्षकों और कर्मचारियों की पूरी डिटेल्स लिखी जाएं। जिसमें फोटो के साथ उनका नाम, पद और कौन सा विषय पढ़ाते हैं ये शामिल हो, जिससे वास्तविक सत्यापन में आसानी होगी। 

DEE निदेशक ने क्या कहा ? 

राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा विभाग (DEE) के निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र की सभी सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था को लागू करें। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों की पूरी डिटेल्स हमारे शिक्षक-कार्मिक शीर्षक के साथ ऐसी जगह पर लिखी जाए, जहां हर किसी की नजर पहुंच सके। 

दीवार पर क्या-क्या होगा ? 

  • फोटो
  • नाम
  • पद
  • जन्म तिथि 
  • शैक्षनिक योग्यता 
  • कौन सी कक्षा में कौन सा विषय पढ़ाते हैं। 

मुख्य उद्देश्य क्या है? 

  • स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों की डिटेल्स सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो सकेगी। 
  • विभागिय निरीक्षण के दौरान अधिकारी शिक्षकों और कर्मचारियों की डिटेल्स से वास्तविक सत्यापन भी कर सकेंगे। 
  • स्कूल में कितने पद खाली है और कितने पद भरे हुए हैं इसकी जानकारी हो सकेगी। 
  • स्टाफ की जरूरत के अनुसार तैनाती और प्रबंधन में भी सुविधा होगी।

शिक्षक संगठनों का क्या कहना है ?    

शिक्षक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों की जानकारी सार्वजनिक होने से अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच विश्वास बढ़ेगा। आने वाले समय में स्कूलों की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सुधार देखने को मिलेगी। साथ ही अभिभावकों को अपने बच्चे के स्कूल की वास्तविक स्थिति जानने में आसानी होगी।        

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