CG Teacher News: इस जिले में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल! संयुक्त शिक्षक संघ का आरोप, बोले-युक्तियुक्तकरण बना लेन-देन का माध्यम-जिम्मेदार कौन?
CG Teacher News: छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने कोंडागांव जिला शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाया है। संघ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के संरक्षण में संलग्नीकरण, पदस्थापना और युक्तियुक्तकरण में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं।
CG Teacher News: कोंडागांव। छत्तीसगढ़ शासन की बहुप्रचारित युक्तियुक्तकरण योजना को कोंडागांव जिले में कथित रूप से मनमानी और लेन-देन का जरिया बना दिया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ शिक्षा ने कहा है कि गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से लागू की गई योजना अब सवालों के घेरे में है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के संरक्षण में संलग्नीकरण, पदस्थापना और युक्तियुक्तकरण में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं।
संघ का आरोप है कि वर्ष 2008 के स्वीकृत सेटअप नियमों को दरकिनार कर विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती असंतुलित तरीके से की गई है। कहीं एक शिक्षक 250 से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाने को मजबूर है, तो कहीं एक ही विषय के कई शिक्षक पदस्थ हैं। क्या यही है “गुणवत्ता सुधार” की परिभाषा?
जिले के दो हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 255 विद्यार्थियों पर मात्र एक भाषा व्याख्याता कार्यरत है, जबकि नियमानुसार दो व्याख्याताओं की आवश्यकता है। यह सीधे-सीधे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण काउंसलिंग में जिन शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयों में पदस्थ किया गया था, उन्हें बाद में कथित लेन-देन के आधार पर पुनः शहर एवं सड़क किनारे स्थित सुविधाजनक विद्यालयों में अटैच कर दिया गया।
केशकाल ब्लॉक के एक ही विद्यालय में दो अतिशेष शिक्षिकाओं को, जिनकी काउंसलिंग में दूरस्थ स्कूल में पोस्टिंग हुई थी, बाद में पुनः उसी स्कूल में अटैच कर दिए जाने का मामला भी सामने आया है। यदि यह तथ्य सही है तो यह पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
माकड़ी विकासखंड में एक शिक्षिका का वेतन रोके जाने और अन्य का वेतन जारी करने को लेकर भी चयनात्मक कार्रवाई के आरोप लगाए गए हैं।
संघ का कहना है कि वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय निरीक्षण लगभग बंद हो चुका है। अधिकांश समय कार्यालय में बैठकर आत्मानंद विद्यालय भर्ती, जीपीएफ, पार्ट फाइनल, पदोन्नति एवं संलग्नीकरण जैसे कार्यों में व्यतीत किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्कूलों की स्थिति बदहाल है।
केदार जैन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संघ उग्र आंदोलन करेगा और शिक्षा विभाग के संचालक, शिक्षा सचिव, शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पूरे मामले को लेकर जाएगा।
अब बड़ा प्रश्न यह है
क्या कोंडागांव जिले के विद्यार्थियों का भविष्य प्रशासनिक लापरवाही और कथित लेन-देन की भेंट चढ़ता रहेगा, या फिर शासन इस पर कठोर कार्रवाई करेगा?