तहसील कार्यालय का चपरासी निकला तस्कर: कार से कर रहा था नशीली टैबलेट की सप्लाई, होली से पहले आबकारी विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने विश्रामपुर तहसील कार्यालय के चपरासी अभिषेक साहू को गिरफ्तार किया है, जो कार में नशीली टैबलेट की सप्लाई कर रहा था।

Update: 2026-03-02 10:58 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

सूरजपुर 02 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में आबकारी उड़नदस्ता की टीम को प्रतिबंधित नशीली टैबलेट की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने रविवार को विश्रामपुर तहसील कार्यालय के चपरासी अभिषेक साहू को गिरफ्तार किया है, जो कार में नशीली टैबलेट की सप्लाई कर रहा था। उसके कब्जे से 560 नग एप्राजॉलेम और 48 नग प्रोक्सीवॉन प्लस जब्त किया गया है। 

क्या है पूरा मामला ?  

दरअसल, होली से पहले जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने विश्रामपुर तहसील कार्यालय के चपरासी अभिषेक साहू को नशीली टैबलेट की तस्करी के आरोप में पकड़ा है, जो अपनी कार से नशीली टैबलेट की सप्लाई कर रहा था।     

टीम को क्या सूचना मिली थी ?          

जानकारी के मुताबिक, संभागीय उड़नदस्ता की टीम को 1 मार्च को मुखबिर से तिलसिवां ग्राउंड में नशे को सौदागरों की ओर से नशीली टैबलेट सप्लाई की सूचना मिली थी। इसके बाद आबकारी संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी रंजीत गुप्ता की टीम ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने तिलसिवां ग्राउंड के पास निसान मैग्नाइट कार CG 29 AG 1098 को रोका। 

कहां का चपरासी है आरोपी ? 

कार सवार ने अपना नाम अभिषेक साहू बताया, जो कि गोविंपुर का रहने वाला है। साथ ही उसने बताया कि वह कलेक्टोरेट का चपरासी है और वर्तमान में विश्रामपुर तहसील कार्यालय में चपरासी है। वहीं जब उसकी कार की तलाशी ली गई, तो कैश बोर्ड में 560 नग एप्राजॉलेम और 48 नग प्रोक्सीवॉन प्लस नशीली टैबलेट जब्त किया गया। आरोपी अभिषेक साहू को NDPS एक्ट की धारा 22C के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

NDPS एक्ट की धारा 22C क्या है ?  

मादक पदार्थ और मनो सक्रिय पदार्थों से संबंधित उल्लंघन जैसे बड़ी मात्रा में तस्करी या फिर बिना दस्तावेज खरीदी बिक्री पर NDPS एक्ट की धारा 22C के तहत मामला दर्ज होता है। इसके तहत कम से कम 10 साल कठोर कारावास की सजा हो सकती है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं एक लाख से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया सकता है।                                                   

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