Raipur News: पीडब्ल्यूडी के पूर्व अधिकारी से लाखों की ठगी, ACB-EOW का अधिकारी बताकर टेंट लगाने वाले ने लगा दिया 10 लाख का चूना
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राखी थाना क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के पूर्व अधिकारी से 10 लाख की ठगी मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पूर्व अधिकारी के परिचित ने ही ठगी की घटना को अंजाम दिया था।
Raipur News: रायपुर। लोक निर्माण विभाग के पूर्व अधीक्षण अभियंता से 9.50 लाख की ठगी मामले में पुलिस ने एक टेंट संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को एसीबी का अधिकारी बताकर PWD के पूर्व अधिकारी को 9.50 लाख का चूना लगाया था। आरोपी का नाम धर्मेन्द्र चौहान है और जगदलपुर में टेंट व्यवसाय का काम करता है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, थाना राखी में पीडब्ल्यूडी के पूर्व अधीक्षण अभियंता देवलाल सिंह टेकाम ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि 28 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल नंबर पर 9795675336 और 8527958502 नंबर से फोन आया था। सामने वाले ने खुद को एसीबी-ईओडब्ल्यू का अधिकारी बताया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज होने की बात कही। फोन काॅल आने के बाद से देवलाल सिंह टेकाम डर गए और इसकी जानकारी अपने परिचित धर्मेन्द्र चौहान को दी।
धर्मेंद्र चौहान ने देवलाल सिंह टेकाम को तत्काल दोनों नंबर को ब्लाॅक करने की सलाह दी। धमेंद्र ने देवलाल से कहा कि वो चिंता न करें, सब ठीक कर देगा। इसके बाद आरोपी धर्मेंद्र चौहान ने एक योजना तैयार की। आरोपी ने सोचा कि क्यो न वो खुद मौके का फायदा उठाये। आरोपी ने सोचा कि वो खुद एसीबी का अधिकारी बनकर नये नंबर से पीड़ित को काॅल करेगा और उसे डरा-धमका कर रूपए की मांग करेगा।
आरोपी ने एक नया नंबर लिया और पीड़ित को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा। साथ ही एक फर्जी शिकायत की प्रति भी भेजी। आरोपी ने इस दौरान खुद को एसीबी-ईओडब्ल्यू का अधिकारी बताया।
थोड़ी देर बाद आरोपी ने काॅल किया और कहा कि गिरफ्तार से बचना है तो 10 लाख देने होंगे। पीड़ित देवलाल डर गया और 9.50 लाख रूपए आरोपी को दे दिए। रूपए देने के बाद भी आरोपी फिर से नगदी की मांग करने लगा।
पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत राखी थाने में दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत को ग्रामीण पुलिस ने गंभीरता से लिया। एएसपी संदीप मित्तल ने मामले की जांच की और आरोपी के द्वारा किए गए फोन नंबरों की जांच की। नंबर जांच करने पर पता चला कि यह नंबर पीड़ित के परिचित का ही है।
ग्रामीण पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी को गिरफतार किया और उससे पूछताछ की। पूछताछ में धर्मेंद्र चौहान ने कबूल किया कि उसी ने ही 9.50 लाख की ठगी की थी। आरोपी ने बताया कि वो लंबे समय से देवलाल सिंह टेकाम से जुड़ा हुआ था। इसी का फायदा उठाकर उसने उससे ठगी की योजना बनाई थी।
फिलहाल राखी थाना पुलिस ने मामले में 319, 204, 308 2, आईटी के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही आरोपी के खिलाफ आगे की जांच कार्रवाई भी की जा रही है।