CG पिता ने की बेटे की हत्या: नहर में डूबोकर उतारा मौत के घाट, फिर बचने के लिए गढ़ी झूठी कहानी
CG Murder News,जांजगीर चांपा में एक पिता ने अपने ही 5 साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। फिर घर वालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में गिरकर उसकी मौत हो गई।
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
जांजगीर चांपा 15 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में शुक्रवार रात पिता ने 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने घरवालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में डूबकर उसकी मौत हो गई, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यह पूरा मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र की है।
क्या है पूरा मामला ?
पामगढ़ थाना क्षेत्र के भिलौनी गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने ही 5 साल के बेटे को नहर में डूबोकर मार डाला और फिर घर वालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में गिरकर उसकी मौत हो गई, लेकिन बच्चे की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
दो बच्चियों के साथ अलग रह रही थी महिला
जानकारी के मुताबिक, आरोपी रेशम यादव (27) भैसों गांव का रहने वाला है। 2018 में उसकी शादी भिलौनी गांव में रहने वाली महिला से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं, लेकिन महिला पारिवारिक विवाद और शराब पीकर मारपीट करने से नाराज होकर अपनी दो बेटियों के साथ मायके में रह रही थी। वहीं उसका बेटा आयुष अपने पिता रेशम के पास ही था।
कैसे दिया घटना को अंजाम ?
बताया जा रहा है कि आरोपी रेशम 13 मार्च को अपने बेटे को घर से लेकर निकला और 14 मार्च की रात लगभग 1 बजे भिलौनी गांव के आवास पारा नहर में डूबोकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी बेटे के शव को लेकर रात 2 बजे पत्नी के घर पहुंचा और कहा कि उसका बच्चा साइकिल के साथ नहर में गिर गया और उसकी डूबकर मौत हो गई।
कैसे हुआ खुलासा ?
महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसका पति अक्सर शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करता था और बच्चे को खत्म कर देने की धमकी देता था। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो इस पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारत में हत्या पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।