हरियाणा IDFC घोटाला: 590 करोड़ की हेराफेरी का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि गिरफ्तार, जानिए कैसे खुला 590 करोड़ का आईडीएफसी कांड

IDFC Bank Scam: हरियाणा IDFC घोटाले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने 590 करोड़ की हेराफेरी के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि को गिरफ्तार किया है।

Update: 2026-02-25 06:21 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

चंडीगढ़: हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ के घोटाले में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। इस मामले में ACB ने मंगलवार रात में IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। SIT प्रमुख DSP शुक्रपाल ने इसकी पुष्टी कर दी है। 

क्या है पूरा मामला ? 

दरअसल, IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हुए 590 करोड़ के घोटाले में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) की मंगलवार रात बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। टीम ने इस घोटाले में शामिल IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिभव ऋषि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था। 

कैसे हुआ घोटाले का खुलासा ?   

बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार को पिछले साल जुलाई में ही इस पूरे घोटाले की भनक लग गई थी। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने इसी साल एक आदेश जारी कर IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामाकाज से डी एम्पैनल कर दिया और विभागों को निर्देश दिया कि इन बैंकों में जमा फंड तुरंत ही अन्य अधिकृत बैंकों में ट्रांसफर करें। 

जांच में क्या खुलासा हुआ ?    

इसी दौरान IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में गड़बड़ घोटाला सामने आया। इसके बाद जब जांच शुरु की गई, तो पता चला कि कई सरकारी खातों से रकम गायब है। शुरुआत में तो 490 करोड़ का घोटाला सामने आया, जो बाद में बढ़कर 590 करोड़ तक पहुंच गया। साथ जांच में ये भी पता चला कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी चेक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन से सरकारी रकम निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। 

कौन निकला मास्टरमाइंड ?

इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि निकला, जो कि IDFC फर्स्ट बैंक का मैनेजर रह चुका है। हाल ही में वो पंजाब के जीरकपुर AU स्मॉल बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात था। रिभव ने ही फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी रकम के गबन की साजिश रची थी और  उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हरियाणा के सरकारी डिपार्टमेंट के खातों से 590 करोड़ निकाले थे। 

कितने आरोपी हुए गिरफ्तार ? 

इस मामले में सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए बैंक के चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही KPMG से फोरेंसिक ऑडिट शुरु किया गया। वहीं अब भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मास्टरमाइंड रिभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय, स्वाति और एक अन्य शामिल है।

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