टीम दीपक बैज: सभी नेताओं की सिफारिश लिफाफा में बंद, दिल्ली से आएगी सूची
CG News: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम बनाने की कवायद पूरी हो चुकी है। प्रदेश के सभी दिग्गज कांग्रेस नेताओं की पसंद और सिफारिशी नाम लिफाफा में बंद कर दिल्ली भेज दिया गया है। नई टीम की सूची दिल्ली से कब जारी होगी, इस पर सस्पेंस कायम है।
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रायपुर।30 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज की टीम के ज्यादातर सदस्य पुराने हैं। बैज के अध्यक्ष बनने के बाद पूर्णकालिक नई टीम बनाने के लिए अब जाकर कसरत किया गया है। कांग्रेस ने संगठन सृजन कार्यक्रम चलाया हुआ है और ऊपर से नीचे तक तब्दीली हो रही है। निचले स्तर पर अभी ग्राम पंचायत कांग्रेस अध्यक्ष और बूथ अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। सभी जिला अध्यक्ष इन नामों का प्रस्ताव कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेंगे और उसके बाद राजधानी में इसका फैसला लेकर सूची जारी कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि जिला अध्यक्षों से आयी सूची ही फाइनल रहेगी, संशोधन की गुंजाइश बहुत कम रखी गई है। दोनों पदों पर नियुक्तियों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी संगठन जिलों के प्रभारियों की घोषणा की थी, इन सभी प्रभारियों को जिलों का दौरा कर नियुक्तियों में तेजी लाने कहा गया था। लगभग सभी प्रभारी दौरा का काम पूरा कर चुके हैं।
पार्टी नेताओं के अनुसार अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी का इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने अलग- अलग दौरों और बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिया था कि अब प्रदेश में सभी नेताओं की सहमति बना कर काम किया जाना चाहिए। इस कारण ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य के सभी दिग्गज नेताओं की पसंद के नाम भी मंगवा लिए हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस की नई टीम के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और खुद बैज की ओर से नामों का प्रस्ताव लिया गया है।
सभी नेताओं के अपने समीकरण
नेताओं के राजनीतिक क्षेत्र के समीकरण के हिसाब से देखें तो बघेल समर्थक पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश में लगभग हर जगह हैं और सभी संगठन में जगह मिलने की उम्मीद लगा बैठे हैं। रायपुर और दुर्ग के अलावा बिलासपुर संभाग में भी बघेल समर्थक सक्रिय हैं। बघेल 2018 से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे, इस नाते उनकी पकड़ लगभग सभी इलाके में हैं। इसके बाद वे मुख्यमंत्री बने तो स्वाभाविक रूप से पार्टी में भी उनकी साख बढ़ती चली गई। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष महंत अपने राजनीतिक क्षेत्र के हिसाब से बिलासपुर संभाग में दबदबा कायम रखे हुए हैं। जबकि पूर्व उप मुख्यमंत्री सिंहदेव के समर्थक सरगुजा संभाग में अच्छी दखल रखते हैं। इसके अलावा बिलासपुर इलाके में उनके समर्थक हैं, जिनमें से कुछ को संगठन और सरकार में अच्छे अवसर मिल चुके हैं।
नई टीम की समयसीमा पर सस्पेंस
पार्टी नेताओं ने बताया कि प्रदेश स्तर पर नई टीम बनाने की कवायद पूरी हो चुकी है। सभी पदों के लिए नाम प्रस्तावित कर दिए गए हैं। अब केवल दिल्ली में संगठन मंत्री और अन्य वरिष्ठों की बैठक कर सूची में शामिल नामों को फाइनल कर मुहर लगाई जानी है। यह काम कब होगा, दिल्ली में कोई नहीं बता पा रहा है। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के कारण सूची फिलहाल अटक सकती है। यह संभावना भी देखी जा रही है कि दिल्ली में राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और अन्य पदाधिकारियों को बैठक के लिए समय मिलता है या नहीं।
राज्य सभा चुनाव से सबक
पार्टी हाईकमान ने राज्यसभा के लिए एक पद के चुनाव में राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम को रिपीट कर दिया था। इस पर बाद में खुलासा हुआ कि प्रदेश के ही दिग्गज नेता आपस में संवाद कर कोई एक नाम तय नहीं कर सके। इसके कारण ही पार्टी हाईकमान ने नेताम को फिर से राज्यसभा भेज दिया। इससे यही संदेश दिया गया है कि प्रदेश के दिग्गज नेताओं को सहमति बना ही काम करना होगा।