Phulo Devi Netam फूलोदेवी सिर्फ नाम नहीं! हाईकमान ने दिया बड़ा संदेश...अंदर की बात आयी बाहर, खबर पढ़ि़ये विस्तार से
Phulo Devi Netam: छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी रिपीट कर दिया। राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा था और कांग्रेस ने उन्हें फिर से राज्यसभा भेज दिया। यह महज संयोग नहीं है, पार्टी के अंदर की बात अब सामने आ रही है।
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रायपुर। 13 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ में कांग्रेस आलाकमान ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। पहली बार किसी राज्यसभा सदस्य को तत्काल रिपीट कर दिया गया। प्रदेश के दिग्गज नेताओं को भी यह कदम अप्रत्याशित लगा। फूलोदेवी नेताम पहली बार सितंबर 2020 में राज्यसभा गई थीं, उस वक्त कांग्रेस के कोटे में छत्तीसगढ़ से दो सीटें थीं और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। अपनी कार्यप्रणाली और स्वभाव से फूलोदेवी नेताम ने दिल्ली में आलाकमान के सामने अपनी अच्छी छवि बना ली है। यह बात भी सामने आ चुकी है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी उन्हें विशेष रूप से सम्मान देते हैं। अभी जब उनका टिकट राज्यसभा के लिए फाइनल किया गया, तब भी यही बात सामने आयी थी।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने राज्यसभा का टिकट अंतिम क्षण में फाइनल किया। पांच मार्च को नामांकन दाखिल किया जाना था और चार मार्च की रात फोन से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली से नाम बता दिया गया। जबकि नाम पर मंथन अधिसूचना जारी होते ही शुरू हो गया था। टिकट के दावेदारों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, मोहन मरकाम और किरणमयी नायक के नाम चल रहे थे। इतने दावेदारों के बीच आलाकमान से सभी को झटका दे दिया।
आलाकमान की अपेक्षा पर पानी फिरा
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने राज्यसभा के मामले में संकेत दिया था कि सर्वसम्मति से प्रत्याशी का नाम फाइनल कर लिया जाए। अधिसूचना जारी होने के बाद दिल्ली के बड़े नेता छत्तीसगढ़ के नेताओं के रुख का इंतजार करते रहे, रायपुर से कुछ बड़े नेता दिल्ली भी गए, मगर बात बनी नहीं। छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं या प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई एक नाम दिल्ली की ओर नहीं बढ़ाया जा सका, जिससे फैसला लेने में आसानी हो। इसका कारण यह था कि पीसीसी अध्यक्ष बैज खुद भी दावेदार थे। अब तक राज्यसभा जाने का राग अलापने वाले नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत इस बार खामोश रहे, भले ही भीतर ही भीतर कुछ सुगबुगाहट चलती रही। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली जाकर आ गए, मगर उनका भी नाम नहीं चला, तो जाहिर है कि वे दावेदार नहीं थे। उधर पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की ओर भी कुछ नेताओं की निगाह टिकी हुई थी, लेकिन उन्होंने खुल कर कुछ नहीं कहा। जबकि कुछ पार्टी नेताओं का मानना है कि सिंहदेव को राज्यसभा जाने पर विचार करना था।
दिल्ली से टिकट भेजकर किया आगाह
पार्टी में चर्चा चल रही है कि हाईकमान ने सीधे दिल्ली से टिकट भेज कर प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं को चेता दिया है। राहुल गांधी जब भी छत्तीसगढ़ के नेताओं से मिलते हैं या रायपुर आते हैं तो वे सभी नेताओं से एकजुट होकर काम करने पर जोर देते हैं। बताया जाता है कि हाईकमान यही फार्मूला हर चुनाव के प्रत्याशी पर देखना चाहते हैं। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर और बिलासपुर की बैठकों में यही बात दोहराई थी और कहा था कि हर फैसले में प्रदेश के नेताओं को एक दिखना चाहिए। राज्यसभा चुनाव के टिकट के मामले में प्रदेश के नेता फेल हो गए। इसके अलावा संगठन की ओर से दूसरे नाम आने लगे, तब हाईकमान ने फूलोदेवी नेताम को ही रिपीट करने का फैसला ले लिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि समय रहते होली के पहले प्रदेश के सभी दिग्गज आम राय होकर कोई एक नाम की सिफारिश कर देते तो हो सकता है कि किसी नए नेता को राज्यसभा जाने का मौका मिल जाता। हाईकमान ने होली तक इसका इंतजार किया, लेकिन पीसीसी से लेकर दिग्गज नेताओं के बीच इस पर खुल कर कोई बात ही नहीं हो सकी। नतीजा फूलोदेवी नेताम के रूप में सामने आ गया।