Krishak Unnati Yojana Chhattisgarh: जानिए छत्तीसगढ़ की कृषक उन्नति योजना के बारे में, जो किसानों को बना रही है उन्नत

Krishak Unnati Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कृषक उन्नति योजना शुरू की है।इस आर्टिकल में आप इस योजना से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी...

Update: 2026-02-18 09:34 GMT

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कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कृषक उन्नति योजना(Krishak Unnati Yojna Chhattisgarh) शुरू की है। भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव सरकार द्वारा प्रारंभ की गई इस योजना का आंकलन इसी से किया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ सरकार अब तक 25 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में सीधे हस्तातंरण कर चुकी है। होली से पहले फिर से 10 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा किए जाएंगे।

कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य क्या है?

मोदी की गारंटी लागू करने और किसानों के लिए खेती को आय का लाभप्रद जरिया बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में कृषक उन्नति योजना(Krishak Unnati Yojna Chhattisgarh) की औपचारिक शुरुआत 12 मार्च 2024 को की गई। साय सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। मालूम हो कि किसान प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान बेच सकते हैं।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त कॉमन धान पर 731 रुपए और ए ग्रेड धान पर 711 रुपए प्रति क्विंटल सहायता दे रही है। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी मान्य है। उस लिहाज से किसानों को सीधे 15 हजार 351 रुपए सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि यदि किसानों के हाथ में सीधी आर्थिक सहायता पहुंचेगी तो वे बेहतर बीज, उर्वरक और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकेंगे।

बता दें कि राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनी रहती है।

इस योजना में निश्चित मात्रा में धान खरीदी के बाद अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को एमएसपी (MSP) के साथ एडीशनल बोनस की राशि मिल रही है।

कृषक उन्नति योजना की एक और खासियत है कि यह धान के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ फसल विविधीकरण पर भी जोर दे रही है। किसानों को धान के अलावा दलहन, तिलहन और मक्का, कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलें लेने के लिए अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसलें लेने पर किसानों को लगभग 11,000 रुपये प्रति एकड़ से 15,351 प्रति एकड़ तक की इनपुट सब्सिडी देने का प्रावधान है।

कृषक उन्नति योजना के लिए पात्रता

कृषक उन्नति योजना के लिए वही किस पात्र हैं जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों। साथ ही जिन्होंने अपना पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल (Integrated Farmer Portal) पर कराया हो।

कृषक उन्नति योजना के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स

कृषक उन्नति योजना के लाभार्थियों के लिए ये डाक्यूमेंट्स जरूरी हैं।

1.आधार कार्ड

2. बैंक की पास बुक और बैंक खाते की जानकारी( IFSC कोड और अकाउंट नंबर)। खाता आधार से लिंक होना चाहिए।

3. भूमि संबंधी दस्तावेज जिससे जमीन के मालिकाना हक का प्रमाण और खसरा नंबर की जानकारी मिले।

4. आधार से लिंक मोबाइल नंबर ताकि OTP और भुगतान के बाद SMS मिल सके।

5. छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होने का प्रमाणपत्र

6. पासपोर्ट साइज फोटो

7. स्व-घोषणा पत्र, अगर जमीन संयुक्त है या आप 'रेगहा/अधिया-बटिया पर खेती कर रहे हैं, तो भूमि स्वामी का सहमति पत्र संलग्न होना चाहिए।

कृषक उन्नति योजना के लाभार्थी के लिए स्टेप बाय स्टेप आवेदन प्रक्रिया गाइड

जैसा कि हमने बताया कि कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनका पंजीकरण इस पोर्टल पर सक्रिय है। पंजीकरण के बाद आपको इन स्टेप को फॉलो करना होगा।

1. सबसे पहले आपको https://kisan.cg.nic.in/ पर लॉगिन करना है।

2. पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो 'नया किसान पंजीकरण' (New Farmer Registration) पर क्लिक करें।

3. अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर आए OTP के माध्यम से उसे सत्यापित करें।

4. भूमि और फसल का विवरण भरें।

5. अपनी भूमि का खसरा नंबर और रकब दर्ज करें।

6. धान, मक्का,दलहन,तिलहन जो भी फसल आप लगा रहे हैं, उसकी जानकारी दें।

7. आपके द्वारा भरी गई जानकारी का सत्यापन संबंधित क्षेत्र के पटवारी द्वारा किया जाता है।

8. आपको अपने नजदीकी धान खरीदी केंद्र (सहकारी समिति) का चयन करना होगा। वहाँ आपका पंजीकरण नंबर और भूमि विवरण लिंक कर दिया जाएगा।

9.पटवारी आपके खेत में आकर फसल का भौतिक सत्यापन करेंगे। उसी के अनुसार मिलने वाली राशि तय होगी।

स्टेटस कैसे चैक करें

1. छत्तीसगढ़ के आधिकारिक किसान पोर्टल khadyatosh.cg.nic.in या kisan.cg.nic.in पर जाएं।

2. 'किसान पंजीयन संबंधी जानकारी' लिंक पर क्लिक करें।

3. अपना किसान कोड या आधार नंबर दर्ज करें।

4. यहाँ आपको आपके द्वारा बेचे गए धान की मात्रा और भुगतान की गई राशि (MSP और अंतर राशि) का विवरण दिखाई देगा। अगली या पिछली किस्त का स्टेटस भी यहाँ दिखेगा।

कृषक उन्नति योजना के बारे में FAQs

Q. 1. कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य क्या है?

उत्तर - कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

Q. 2.कृषक उन्नति योजना के तहत धान की क्या कीमत मिल रही है?

उत्तर - कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत मिल रही है। इसमें MSP के अलावा अंतर की राशि सरकार बोनस के रूप में देती है।

Q.3. कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान बेचने की अधिकतम सीमा क्या है?

उत्तर - एक किसान प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान बेच सकता है।

Q. 4 अंतर की राशि (बोनस) कब मिलेगी?

उत्तर - सरकार ने घोषणा की है कि अंतर की राशि (लगभग ₹10,000 करोड़) मार्च 2026 (होली) से पहले किसानों के बैंक खातों में एकमुश्त ट्रांसफर कर दी जाएगी।

Q. 5. क्या यह योजना केवल धान के लिए है?

उत्तर - नहीं, धान के बदले दलहन , तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी रागी आदि उगाने वाले किसानों को भी ₹10,000 से ₹15,351 प्रति एकड़ तक की सहायता दी जा रही है।

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