पैसा लिया CBSE का और परीक्षा CG बोर्ड का......! प्राइवेट स्कूलों ने छत्तीसगढ़ के हजारों छात्रों के भविष्य को लगाया दांव पर, पालकों से किया धोखा...
CG School Scam: छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड का मान्यता लेकर सीबीएसई की पढ़ाई कराने का बड़ा घोटाला चल रहा है। प्रदेश में पांच हजार से अधिक ऐसी स्कूलें हैं जहां,इस तरह का गोरखधंधा चल रहा है। सीबीएसई से बिना अनुमति लिए बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम की कीताबों से पढ़ाई कराते रहे, अब जब परीक्षा का वक्त आया तो वर्षों से चले आ रहे गोरखधंधे पर से पर्दा उठ गया है।
रायपुर।17 मार्च 2026| शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार पांचवी और आठवीं की केंद्रीयकृत परीक्षा लेनक का निर्णय लेते हुए सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकारी स्कूलों की तरह एक ही तिथि में इन दोनों कक्षाओं की परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था। जैसे ही राज्य सरकार ने कड़ाई बरतनी शुरू की सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले स्कूलों की पोल खुल गई। कारण भी साफ था, सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई में बच्चों को एडमिशन करा लिया और मोटी रकम भी वसूल ली।
जब सरकार ने कड़ाई बरतनी शुरू की तब प्राइवेट स्कूल प्रबंधन लामबंद होने लगा और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश भी की। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने हाई कोर्ट में स्कूल शिक्षा विभाग के इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिका भी दायर कर दी। हाई कोर्ट ने एसोसिएशन की याचिका को खारिज करते हुए राज्य शासन के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।
एक सवाल यह भी
स्कूल शिक्षा विभाग ने जब सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को सरकारी स्कूलों की तर्ज पर केंद्रीयकृत परीक्षा प्रणाली में शामिल होने का निर्देश दिया तब सबसे पहले उन स्कूल प्रबंधनों की धड़कनें बढ़ी जो सीजी बोर्ड से मान्यता लेकर सीबीएसई में बच्चों को एडमिशन कराया है। इन्हीं लोगों ने हाई कोर्ट का रूख किया और याचिका में तरह-तरह की बहानेबाजी भी। हालांकि हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए शासन के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
सीजी बोर्ड की इन सुविधाओं का उठा रहे बेजा लाभ
प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसे प्रायवेट स्कूल हैं जिनकी मान्यता सीजी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम की है। इन स्कूलों में सीजी बोर्ड सिलेबस से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराने की छूट है। मान्यता भी इसीलिए दी गई है। प्राइवेट स्कूल प्रबंधन इसी बात का फायदा उठाकर पालकों को भरमाने का काम वर्षों से कर रहे हैं। नर्सरी से आठवीं तक अंग्रेजी में पढ़ाई तो सीजी बोर्ड से करा रहे हैं पर पालकों को सीबीएसई मान्यता बताकर एडमिशन के लिए झांसा दे रहे हैं। पालक इसलिए झांसे में आ जा रहे है कि अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। ज्यादा पूछताछ करने के बजाय बच्चों का एडमिशन भी करा दे रहे हैं। एडमिशन के दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा पालकों से मोटी रकम भी वसूल किया जा रहा है।
शिक्षा माफियाओं का बड़ा खेला
बीते एक वर्ष के दौरान शिक्षा सचिव से लेकर डीपीआई, डीईओ सहित आला अफसरों को शिक्षा माफियाओं की करतूतों की दस्तावेजी शिकायत के बाद भी किसी तरह कोई कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है। मान्यता घोटाले से शिक्षा माफिया लाल हो रहे हैं और बच्चों का भविष्य अंधकारमय।
आरंग के बाद इस बार पूरे प्रदेश में फूटा फर्जीवाड़ा
केपीएस, कृष्णा पब्लिक स्कूल आरंग में पांचवी और आठवीं के विद्यार्थियों को सीबीएसई मान्यता होने का हवाला दे एडमिशन दिया गया था। साल भर सीबीएसई पैटर्न से सीबीएसई पुस्तकों की पढ़ाई करवाई गई। स्कूल प्रबंधन ने जब सीजी बोर्ड से परीक्षा के लिए दबाव बनाया तब फर्जीवाड़ा सामने आया। राज्य सरकार की कड़ाई के बाद इस बार पूरे प्रदेश में इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। राजधानी रायपुर से लेकर न्यायधानी बिलासपुर और प्रदेश के अन्य शहरों में भी गड़बड़ी सामने आ रही है।
विकास तिवारी ने दायर की है पीआईएल
रायपुर निवासी विकास तिवारी ने इसी तरह का फर्जीवाड़ा का जिक्र करते हुए हस्तक्षेप याचिका दायर की है। दायर याचिका में विकास तिवारी ने आंकड़ा पेश करते हुए हाई कोर्ट को बताया, सीजी बोर्ड से मान्यता लेकर किस तरह सीबीएसई पाठ्यक्रम का झांसा देकर बच्चों व पालकों को भरमाने का काम प्राइवेट स्कूल कर रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में उन 1784 स्कूलों की सूची जमा किया है। जहां सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई की झूठी जानकारी देकर एडमिशन के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है । जनहित याचिका की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है।