GPM: 8 पंचायत सचिव सस्पेड, 1.19 करोड़ की अनियमितता का आरोप, सीईओ की कार्रवाई, जानिए पूरा मामला

GPM: छत्तीसगढ़ में जिला पंचायत में पदस्थ आठ पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। सभी पर 1.19 करोड़ की अनियमितता का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद सीईओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Update: 2026-03-21 07:35 GMT

GPM: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला में पदस्थ आठ पंचायत सचिवों को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी पर 15वें वित्त आयोग की राशि से 1.19 करोड़ को गलत तरीके से वेंडरों को भुगतान करने का आरोप है। यह शिकायत सामने आने के बाद जिला पंचायत कार्यपालन अधिकारी ने आठों सचिवों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले में जांच भी की जा रही है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, अलग अलग ग्राम पंचायत सचिवों के द्वारा लाखों के अनियमितता भुगतान की शिकायत सामने आई थी। जिला पंचायत कार्यपालन अधिकारी ने मामले में जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि तेन्दुमुढ़ा के सचिव उमा शंकर उपाध्याय के द्वारा 29.98 लाख, नेवरी नवापारा के भैयालाल करसायल के द्वारा 26.13, ठाड़पथरा के नान्हूदास बघेल के द्वारा 23.26 लाख , आमाडोब के ओंकार भानू 10.91 लाख, पूटा के रतन सिंह 10.72 लाख, आमगांव के राधेश्याम मरावी 6.40 लाख, साल्हेघोरी के राजकुमार शर्मा के द्वारा 6.69 लाख, हर्राटोला के त्रिलोक सिंह के द्वारा 5.47 लाख रूपए वेंडरों को नियमों के विरूद्ध भुगतान किया गया।

8 सचिवों को किया गया निलंबित 

मामले को संज्ञान लिया गया और सभी 8 सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान सचिवों का मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला रहेगा। साथ ही उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। एक साथ आठ पंचायत सचिवों के निलंबन की कार्रवाई से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रशासन ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई भी अनियमितता बरतेगा उसके खिलाफ आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। लापरवाही और भ्रष्टचार में डूबे कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन आगे भी लिया जाएगा।

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