Bilaspur High Court: चाइनीज मांझे से मासूम की मौत, सरकार के रवैये पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी, मुआवजे को लेकर उठाए सवाल

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच की छत्तीसगढ़ सरकार के उस जवाब से नाराज हो गया जिसमें चाइनीज मांझे से रायपुर में मासूम की मौत पर परिजनों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है। सरकार के जवाब से नाराज डिवीजन बेंच ने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खो दिया और उसे मुआवजा के नाम पर 50 हजार रुपये दे दिया। इससे क्या होगा। मुआवजा राशि बढ़ाने और प्रदेश में चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।

Update: 2025-02-25 07:23 GMT

Bilaspur High Court- NPG News

Bilaspur High Court: बिलासपुर। चाइनीज मांझे से रायपुर में एक मासूम की मौत के मामले में बिलासपुर हाई काेर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने बताया कि मासूम के परिजनों को मुआवजा राशि दे दी गई है। जैसे ही राशि का उल्लेख शासन के अधिवक्ता ने किया,डिवीजन बेंच की नाराजगी भी उसी अंदाज में सामने आई। नाराज डीबी ने सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि एक मासूम की मौत के बाद जिस तरह से मुआवजा दिया गया है क्या वह उचित है। मुआवजे की राशि बढ़ाने और चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया।

चाइनीज मांझे से सात वर्षीय मासूम की मौत और एक महिला अधिवक्ता के घायल होने की घटना पर बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि मृतक बच्चे के स्वजन को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है। इस पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ 50 हजार रुपये देने से क्या होगा।

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक करार दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि जब चाइनीज मांझे की बिक्री पर पहले से प्रतिबंध है, तो यह अब भी बाजार में कैसे उपलब्ध हो रहा है। अधिनियम का पालन क्यों नहीं किया गया। क्या राज्य सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई की है।

0 चीफ सिकरेट्री से मांगा जवाब

डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार के रवैये से नाराजगी जताते हुए चीफ सिकरेट्री से जवाब-तलब किया बाजार में चाइनीज मांझे की बिक्री कैसे हो रही है। इस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया है। पूर्व में घटी इसी तरह की घटनाओं पर राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, इस पर भी रिपोर्ट मांगी गई थी। बीते सुनवाई में राज्य शासन ने बताया था कि मुख्य सचिव का जवाब अभी लंबित है, जिस पर कोर्ट ने तीन सप्ताह बाद अगली सुनवाई तय की थी।

0 मुआवजा राशि बढ़ाने डिवीजन बेंच ने दिया निर्देश

50 हजार रुपये मुआवजा देने की जानकारी देने पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई और कहा कि एक मासूम की मौत हुई है, जिसमें प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आ रही है। इतनी मामूली राशि देने से क्या होगा? ऐसे मामलों में मुआवजे की राशि और बढ़ाई जानी चाहिए। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिया कि राज्य सरकार इस जानलेवा मांझे की बिक्री पर पूरी सख्ती से प्रतिबंध लगाए और सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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