अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफेसर पटेरिया, शिक्षाविद, शैक्षिक प्रशासक, संस्थान निर्माता और उत्कृष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ के रूप में है जिनकी पहचान

Biography Professor Lalit rakesh Pateriya: अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफेसर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया एक गहन शिक्षाविद, शैक्षिक प्रशासक, संस्थान निर्माता और सर्वोपरि एक उत्कृष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ हैं। आइए जानते हैं कौन है प्रोफेसर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया....

Update: 2026-03-31 09:29 GMT

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बिलासपुर। 31 मार्च 2026|अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफेसर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया एक गहन शिक्षाविद, शैक्षिक प्रशासक, संस्थान निर्माता और सर्वोपरि एक उत्कृष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ हैं। उनकी 32 से अधिक वर्षों की शैक्षणिक यात्रा, वर्ष 1988 में शुरू हुई, जब वे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी (उत्तर प्रदेश) के व्यवसायिक प्रशासन विभाग में 'एकेडमिक एसोसिएट' के रूप में शामिल हुए। बाद में, वर्ष 1989 में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (अब केंद्रीय विश्वविद्यालय), बिलासपुर, छत्तीसगढ़, प्रबंधन अध्ययन विभाग में व्याख्याता (Lecturer) के रूप में शामिल हुए और क्रमशः वरिष्ठ वेतनमान व्याख्याता, रीडर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के रूप में पदोन्नत हुए। वे गणित में स्नातकोत्तर, व्यासायिक प्रशासन (MBA) में स्नातकोत्तर, कानून में स्नातक (LLB) और व्यवसायिक प्रशासन में डॉक्टरेट (PhD) हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में पर्यटन शिक्षा पर 'एडवांस कोर्स' भी सफलतापूर्वक पूरा किया है।

शिक्षण और संस्थान निर्माण

प्रोफेसर पटेरिया एक उत्कृष्ट शिक्षक हैं और उनमें ऑपरेशंस रिसर्च (Operations Research), परिमाणात्मक विधियों (Quantitative Methods) और कॉर्पोरेट कानूनों जैसे जटिल विषयों को छात्रों के लिए सरल, सुबोध और मनोरंजक बनाने की अनूठी क्षमता है। मार्केटिंग मैनेजमेंट के शिक्षण में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को जोड़ने की उनकी शैली उन्हें छात्रों का प्रिय बनाती है। उनके शिक्षण कौशल के सम्मान में, अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (AIMA), नई दिल्ली ने उन्हें एक 'मान्यता प्राप्त प्रबंधन शिक्षक' (Accredited Management Teacher) के रूप में प्रमाणित किया है।

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के संस्थापक संकाय सदस्य के रूप में, उन्होंने प्रबंधन अध्ययन विभाग की स्थापना में आधारभूत भूमिका निभाई, चाहे वह MBA कार्यक्रम के लिए AICTE की मंजूरी दिलाना हो या UGC से भवन अनुदान प्राप्त करना। विभागाध्यक्ष और डीन के रूप में उन्होंने विभाग की प्रशासनिक प्रणालियों को सुदृढ़ किया।

वे प्रबंधन के क्षेत्र में एक सक्रिय शोधकर्ता रहे हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और पुस्तकों में 27 से अधिक शोध लेखों का योगदान दिया है और 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है। वे तीन प्रमुख प्रबंधन पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड के सदस्य हैं। एक शोध पर्यवेक्षक के रूप में, उन्होंने 13 छात्रों को उनके डॉक्टरेट (PhD) शोध और 200 से अधिक MBA/PG डिप्लोमा छात्रों को उनके प्रोजेक्ट कार्य में सफलतापूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया है। उन्हें IIM सहित भारत के 18 से अधिक विश्वविद्यालयों द्वारा पीएचडी परीक्षक नियुक्त किया गया है।

प्रोफेसर पटेरिया ने विभिन्न विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण समितियों (जैसे शोध डिग्री समिति, अध्ययन मंडल, चयन समिति, IQAC, वित्त समिति आदि) के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। वे 23 वर्षों तक गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन मंडल के सदस्य रहे। उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य के रूप में लगातार दो कार्यकाल (2009-2015) के लिए नामित किया गया था। वे भारत सरकार द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद के सदस्य भी नामित किए गए थे।

परीक्षाओं के सफल संचालन, केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत संविधियों (Statutes) और अध्यादेशों के प्रारूप तैयार करने तथा छात्र परिषद चुनावों (लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार) को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय के मुख्य वार्डन, एंटी-रैगिंग समिति के समन्वयक और राजभाषा समिति के सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।

प्रोफेसर पटेरिया भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA), AIMA और ऑपरेशंस रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया जैसे कई प्रतिष्ठित निकायों के आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने 1992 में UNESCO योजना के तहत इटली के इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स (ICTP) का भी दौरा किया।

25 नवंबर 2020 से, प्रोफेसर पटेरिया छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद, नव निर्मित राज्य विश्वविद्यालय, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के प्रथम कुलपति (Kulapati) के रूप में इसे स्थापित करने का महत्वपूर्ण दायित्व संभालक्र रहे हैं। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करेंगे।

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