Bilaspur High Court: अश्लील डांस में पैसा लुटाने वाले SDM केस में पढ़िये हाई कोर्ट में क्या हुआ

Bilaspur High Court: गरियाबंद में अश्लील डांस के दौरान वीडियो बनाने और पैसा लुटाने वाले एसडीएम को हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। याचिकाकर्ता एसडीएम को राहत देने के साथ ही राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संभागायुक्त के आदेश को चुनौती देते हुए एसडीएम ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा है, कमिश्नर ने कार्रवाई करने से पहले उनको सुनवाई का अवसर नहीं दिया है।

Update: 2026-02-01 04:06 GMT

Bilaspur High Court: बिलासपुर। गरियाबंद में अश्लील डांस के दौरान वीडियो बनाने और पैसा लुटाने वाले एसडीएम तुलसी दास मरकाम को हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। याचिकाकर्ता एसडीएम को राहत देने के साथ ही राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने कहा है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। संभागायुक्त के आदेश को चुनौती देते हुए एसडीएम ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा है, कमिश्नर ने कार्रवाई करने से पहले उनको सुनवाई का अवसर नहीं दिया है।

गरियाबंद में अश्लील डांस का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने और वीडियो में एसडीएम तुलसीदास मरकाम द्वारा वीडियो बनाने व पैसे लुटाने का वीडियाे सामने आने के बाद कमिश्नर महादेव कावरे ने 16 जनवरी को एक आदेश जारी कर एसडीएम को सस्पेंड कर दिया था। नियमों के विपरीत ओपेरा की अनुमति देने और अश्लील डांस का आनंद लेने का आरोप था। डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम ने कमिश्नर के इस आदेश को चुनौती देते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता डिप्टी कलेक्टर ने अपनी याचिका में कहा कि कमिश्नर ने उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया, उनका पक्ष सुने बिना ही निलंबन की सजा सुना दी। जबकि वह राज्य सरकार के अधीन है।

क्या है पूरा मामला ?

गरियाबंद के उरमाल में युवा समिति ने 6 दिवसीय ओपेरा का आयोजन कराया था। मनोरंजन का हवाला देकर युवकों की समिति ने 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर SDM तुलसी दास से कार्यक्रम की अनुमति ली थी। कार्यक्रम में ओडिशा के कटक स्थित जय दुर्गा ओपेरा की डांसर्स बुलाई गई थी। कार्यक्रम में बार डांसर्स कपड़े उतार कर अश्लील डांस करती नजर आई। डांस कार्यक्रम 8, 9 और 10 जनवरी को निर्धारित था। इसके लिए शहरभर में प्रचार-प्रसार कराया गया था।

बार डांसर की फीस 60 हजार, एंट्री टिकट 200-400

डांस कार्यक्रम में SDM, कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण अलग-अलग दिन शामिल हुए। अश्लील डांस का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। कार्यक्रम में समिति को रोजाना 1.20 लाख देना था। इसके अलावा अश्लील डांस के लिए अतिरिक्त डांसर बुलाए गए थे। बार डांसरों की एक दिन की फीस 60 हजार तय थी। 200 से 400 से तक टिकट रखा गया था। वायरल वीडियो में SDM वीडियो बनाते नजर आए। दूसरे वीडियो में 2 पुलिसकर्मी लड़कियों से खुलेआम किस करते हुए नजर आए। 8 जनवरी को आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। 9 जनवरी को SDM तुलसी दास इस आयोजन में शामिल हुए। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की थी। रात 11 से 3 बजे तक अश्लील डांस होता रहा। स्टेज पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर प्रस्तुति देते रहे। पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू थी। अफसर, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि हर वर्ग के लोग पहुंचे थे। इनमें से कई लड़कियों पर पैसे उड़ाते रहे। कई ने लड़कियों को अपने पास बुलाकर अश्लीलता की।

 आयोजन समिति के 14 सदस्य गिरफ्तार

अश्लीलता फैलाने के आरोप में पहले एक स्थानीय युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वीडियो वायरल होने के बाद आयोजनकर्ता देवेंद्र राजपूत , गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू, हसन खान, हरदयाल नागेश , मुकेश अग्रवाल, लाल कृष्ण कश्यप, राजेश कश्यप, सचिन कश्यप, लीलाधर साहू, ललित कौशिक, विकास यादव, जम्बूधर, उमेश यादव को गिरफ्तार किया गया था।

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