बिना मान्यता वाले स्कूलों ने एडमिशन के लिए जारी किया विज्ञापन: नाराज हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को जवाब पेश करने दिया निर्देश

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ में गजब हो रहा है। बिना मान्यता वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में एडमिशन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाते हुए सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

Update: 2026-03-16 05:53 GMT

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बिलासपुर।15 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ में गजब हो रहा है। बिना मान्यता वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में एडमिशन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाते हुए सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने 24 मार्च की तिथि तय कर दी है। इस दिन स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को शपथ पत्र के साथ पूरी जानकारी पेश करनी होगी।

जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। विकास तिवारी ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने कुछ इस तरह का मुद्दा अपनी याचिका में उठाया है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के आला अफसर से जवाब-तलब किया है।

याचिकाकर्ता ने बताया, अब तक नहीं हुई कार्रवाई, कोर्ट ने ये कहा

सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनकी शिकायतों को 5 फरवरी 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय DPI ने दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों DEO को भेजकर एक सप्ताह में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करते हुए अगली सुनवाई तक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

एडमिशन विज्ञापन पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

हस्तक्षेप याचिकाकर्ता ने डिवीजनप बेंच के सामने स्कूल में प्रवेश के लिए प्रकाशित विज्ञापन की कॉपी पेश किया। इसमें सत्र 2026-27 के लिए कई निजी स्कूलों में प्रवेश शुरू होने की जानकारी दी गई थी। याचिकाकर्ता ने शिकायत करते हुए बताया, ये स्कूल आवश्यक मान्यता के बिना संचालित हो रहे हैं। बगैर मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों में प्रवेश के लिए धड़ल्ले से विज्ञापन जारी किया जा रहा है। इससे पालक भ्रमित होंगे और बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा। याचिकाकर्ता के इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डिवीजन बेंच ने पूर्व में जारी आदेश का सीधेतौर पर उल्लंघन बताया है।

पढ़िए याचिकाकर्ता ने किन-किन स्कूलों का किया है जिक्र

याचिकाकर्ता ने जिन स्कूलों का अपनी याचिका में शिकायत दर्ज कराई है उसमें तुलसी कृष्णा किड्स एकेडमी, मोवा के अलावा कृष्णा किड्स एकेडमी के ही शंकर नगर, न्यू राजेंद्र नगर, सुंदर नगर और शैलेंद्र नगर ये चार ब्रांच शामिल हैं। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने कृष्णा पब्लिक स्कूल, तुलसी (रायपुर) को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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