शिक्षकों की महासभा में पेंशन के लिए पूर्व सेवा गणना की मांग हुई बुलंद, विधायक पुरंदर मिश्रा बोले- मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा..

महासभा में शिक्षामंत्री के टीईटी को लेकर दिए गए बयान का हुआ स्वागत...

Update: 2026-04-05 18:30 GMT

​रायपुर। ​छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा रायपुर में प्रांतीय महासभा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने की। इस महासभा में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और शिक्षकों ने "प्रथम नियुक्ति से पेंशन" की एक सूत्रीय मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी।

*​विधायक ने दिया आश्वासन*

​मुख्य अतिथि पुरंदर मिश्रा ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे पेंशन संबंधी इन जायज मांगों को सीएम तक पहुँचाएंगे। उन्होंने शीघ्र ही एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री जी से कराने का भी भरोसा दिलाया।

​प्रमुख मांगें और बिंदु-

​प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्य अतिथि को मांग पत्र सौंपते हुए सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों की जीरो पेंशन व्यवस्था की व्यथा साझा की। मांग पत्र में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया-

​प्रथम नियुक्ति से गणना- वर्तमान में पेंशन हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन तिथि (1 जुलाई 2018) से की जा रही है, जिससे 2028 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले एलबी संवर्ग के शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित हो रहे हैं। अतः पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा (प्रथम नियुक्ति) की गणना की जाए।

​20 वर्ष में पूर्ण पेंशन- भारत सरकार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 33 वर्ष के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन (अंतिम वेतन का 50%) का प्रावधान किया जाए।

​न्यायालय के निर्णयों का हवाला- उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न याचिकाओं (जैसे रमेश चंद्रवंशी एवं अन्य) में दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया, जिसमें पेंशन को "स्थगित पारिश्रमिक" माना गया है और संविलियन से पूर्व की दीर्घकालीन सेवाओं को नजरअंदाज न करने की बात कही गई है।

इन आधारों पर पूर्व सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा मानते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की गणना किया जावे। शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष तक किए जाने, प्रदेश भर के शिक्षकों को क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान प्रदान करने, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक मिडिल स्कूल, शिक्षक, प्रधान पाठक प्राथमिक स्कूल के पदों पर पदोन्नति करने, विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने, विभागीय डीएड व बीएड परीक्षा की व्यवस्था करने की मांगों पर कार्ययोजना बनाते हुए विशेष मंथन प्रदेश भर के प्रांतीय पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी व संकुल पदाधिकारी ने की है, साथ में इन विषयों की प्राप्ति के लिए निरंतर रणनीति आधारित कार्य करने का निर्णय लिया गया है।

*महासभा में शिक्षामंत्री के टीईटी को लेकर दिए गए बयान का हुआ स्वागत*

स्कूल शिक्षामंत्री ने अपने बयान में कहा है कि सरकार टीईटी के मामले का रास्ता निकालेगी, शिक्षकों की मांग पर पूरी गंभीरता के साथ विचार हो रहा है। हम किसी का नुकसान नही होने देना चाहते, विभाग में इसे लेकर विचार - विमर्श हो रहा है।

महासभा में शिक्षामंत्री के बयान को सकारात्मक बताते हुए स्वागत किया गया।

छत्तीसगढ़ में विभागीय डीएड परीक्षा का आयोजन पूर्व में सफलता पूर्वक सम्पन्न हो चुका है, जिसमे शत प्रतिशत शिक्षक संवर्ग लाभान्वित हुए है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को लाभ मिले इस हेतु एसोसिएशन द्वारा व्यवहारिक, सरलतम व सभी को विभागीय परीक्षा में पूर्ण उत्तीर्ण अंक मिले इस हेतु डीपीआई के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव दिया गया है जिसमें मुख्य रूप से सेवाकालीन शिक्षकों के लिए विभाग की सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की चर्चा हुई है, परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णक तय हो, अंक युक्तियुक्त संगत रखने, शिक्षक परीक्षा में अपात्र न हो, विभागीय सीमित पात्रता परीक्षा को शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, निरन्तरता व पदोन्नति में जोड़ा जाए, परीक्षा की प्रक्रिया अत्यंत सरल, पारदर्शी व विभागीय स्तर पर ही संचालित हो, प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए टेट परीक्षा का आयोजन हो जिसमें समय अंतराल हो, प्राथमिक और माध्यमिक के स्तर पर अलग अलग परीक्षा हो, पाठ्यक्रम सामान्य शिक्षा एवं शैक्षणिक समझ की अवधारणाओं पर आधारित हो, शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑफलाइन और ओएमआर सीट पर आधारित लिया जावे, कुल प्रश्नों की संख्या बहुविकल्पीय 100 प्रश्न संधारित हो, चूंकि सेवाकालीन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित होगी अतः उत्तीर्ण अंक न्यूनतम हो।

मुख्य रूप से इस परीक्षा के आयोजन हेतु नोडल डीपीआई को बनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी व संकुल प्राचार्य के स्तर पर निकटतम दूरी में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा संचालित हो।

*विभागीय डीएड / बीएड परीक्षा पर हुई चर्चा*

सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता जो केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखते हैं, उन सभी के लिए एनसीटीई के नियमानुसार कोर्स निर्धारण कर 6 माह के बीएड कोर्स शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।

इस हेतु छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ओपन बोर्ड से बीएड पत्राचार का अनुबंध कर संपर्क क्लास पूर्ण कर शीघ्र बीएड पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जावे।

​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​महासभा में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक सहित बड़ी संख्या में प्रदेश व जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ और आईटी सेल के सदस्य उपस्थित थे।

प्रांतीय पदाधिकारी हेमेंद्र साहसी, गुरुदेव राठौर, योगेश सिंह ठाकुर, जयंत यादव, बाबूलाल लाड़े, जितेंद्र मिश्रा, गंगेश्वर उइके, शिव सिंह चंदेल, चंद्रकांत ठाकुर, बीरबल देशमुख, सरस्वती गिरिया, टीकेश्वरी साहू, नीलम श्रीवास्तव, अंजुम शेख, विभा सिंह परिहार, विनोद सिंहा , पुरन लाल साहू, गिरीश शर्मा, आयुष पिल्ले, बेदराम पटेल, राजेश गुप्ता, सुखनंदन साहू, अखिलेश राय, जिला अध्यक्ष नेतराम साहू रायगढ़, ओम प्रकाश सोनकला रायपुर, रमेश चंद्रवंशी कबीरधाम, गोपीराम वर्मा राजनांदगांव, डॉक्टर भूषण चंद्राकर धमतरी, शत्रुहन साहू दुर्ग, कमलेश सिंह अम्बिकापुर, ऋषि देव सिंह कोंडागांव, डोलामणि मालाकार सारंगढ़, उदयशंकर शुक्ला दंतेवाड़ा, परमेश्वर निर्मलकर गरियाबंद, नारायण चौधरी महासमुंद, संतोष सिंह बिलासपुर, वीरेंद्र बहादुर तिवारी कोरिया, मुकेश कोरी पेंड्रा गौरेला मरवाही, दिलीप साहू बालोद, मनोज चौबे कोरबा, शत्रुहन साहू दुर्ग, बीएस बनाफर सक्ती, स्वदेश शुक्ला कांकेर, नारायण चौधरी महासमुंद, बलराज सिंह मुंगेली, देवेश वर्मा बलौदा बाजार, हरि मोहला मानपुर, अतुल शर्मा, नवीन चौधरी, कृष्णेन्दु आईच, शिव डडसेना, मनोज वर्मा, कैलाश सोन, उमेश कश्यप, गेवाराम नेताम, राहुल नेताम, खिलेश्वर कश्यप, आशीष नायक, हेमंत सोनवानी सहित सैकड़ों पदाधिकारी शामिल थे।

Tags:    

Similar News