बड़ी खबर: क्या राजपत्र में होगा संशोधन? मुख्यमंत्री सचिवालय से स्कूल शिक्षा सचिव के नाम पर जारी हुआ पत्र..
CG Teacher News: शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 के आने के बाद नजर आई विसंगतियों को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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रायपुर। 07 मार्च 2026| शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 के आने के बाद नजर आई विसंगतियों को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षकों की नाराजगी को लेकर सर्व शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2026 में व्यापक संशोधनों हेतु एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा था।
अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस आवेदन पर गंभीरता दिखाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। सर्व शिक्षक संघ के द्वारा राजपत्र 2026 की प्रमुख विसंगतियों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संशोधन हेतु विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
राजपत्र में संशोधन की उठी मांग
सर्व शिक्षक संघ का कहना है कि 13 फरवरी 2026 को अधिसूचित नए नियमों से विभाग में कार्यरत अनुभवी शिक्षकों और अधिकारियों की पदोन्नति के अवसर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और ऐसा लगता है मानो एक वर्ग विशेष को फायदा पहुंचाने और दूसरे वर्ग विशेष को नुकसान पहुंचाने की दृष्टिकोण से यह राजपत्र तैयार किया गया है जिसे देखते हुए सर्व शिक्षक संघ ने राजपत्र में संशोधन की मांग रखी है ।
संगठन द्वारा प्रस्तुत मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं
पदोन्नति अनुपात में संतुलन: प्राचार्य पद हेतु 70:30 और प्रधान पाठक/शिक्षक पदों पर ई एवं टी संवर्ग के मध्य 50:50 का अनुपात पुनः लागू किया जाए।
सीधी भर्ती के बजाय पदोन्नति को तरजीह
उपसंचालक/जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) जैसे प्रशासनिक पदों पर सीधी भर्ती को सीमित कर 90% पदों को विभागीय पदोन्नति से भरने की मांग की गई है।
अनुभवी शिक्षकों को अवसर: प्राचार्य पद हेतु आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की जाए और 90% पद व्याख्याताओं की पदोन्नति से भरे जाएं।
संवर्गों का प्रतिनिधित्व: शिक्षा विभाग और ट्राइबल विभाग के मध्य संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और अपर संचालक पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के स्थान पर विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
विशेष श्रेणियों का उन्नयन: सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला), उर्दू शिक्षकों, व्यायाम शिक्षकों (PTI) और ग्रंथपालों के लिए स्पष्ट पदोन्नति संरचना विकसित करने की मांग की गई है।
संघ का ये है पक्ष
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने बताया कि नियम निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षकों से सुझाव नहीं लिए जाने के कारण पूरे प्रदेश के शिक्षकों में असंतोष है। उन्होंने कहा, "संतुलित और न्यायसंगत पदोन्नति व्यवस्था न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक स्थिरता भी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस प्रकरण को जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से संज्ञान में लेते हुए विभाग से की गई कार्यवाही की संक्षिप्त जानकारी और अभिलेख अपलोड करने को कहा है।
