अब बिजली बिल से पता चल जाएंगी आपकी संपत्तियां, धोखाधड़ी पर होगी कड़ी कार्रवाई, जानिए इस डिजिटल एसेसमेंट प्रक्रिया को

Patna News : पटना नगर निगम संपत्ति टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को सभी आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों का सर्वे बिजली कनेक्शन के आधार पर करेगा। इसमें गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

Update: 2026-04-12 07:04 GMT

बिजली बिल से संपत्ति का ब्यौरा मिलाते अधिकारी। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई।

Patna Property Assessment News: अब पटना नगर निगम बिजली कनेक्शन के डेटा को आधार बनाकर लोगों की संपत्तियों का सर्वे और असेसमेंट करेगा। काफी तेजी से फैलते पटना शहर, सड़कों की नई श्रेणियों और सेल्फ असेसमेंट में दी गई जानकारी की बारीकी से जांच की जाएगी।

जिन्होंने जानकर गलत विवरण दिया है, उन पर कार्रवाई की तैयारी है। शहर की 3 लाख से ज्यादा संपत्तियां रडार पर हैं। छोटी सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।

बिजली बिल बनेगा संपत्ति का एक्स-रे

पटना नगर निगम ने शहर के विस्तार और सड़कों की नई श्रेणियों को देखकर फैसला लिया है। अब सभी आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों का मिलान बिजली कनेक्शन के डेटा से किया जाएगा। दरअसल, लोग टैक्स बचाने के लिए प्रॉपर्टी का क्षेत्रफल कम बताते या कमर्शियल इस्तेमाल को आवासीय घोषित कर देते हैं। अब बिजली बिल के आधार पर होने वाला यह डिजिटल सर्वे ऐसी हर चालाकी को पकड़ेगा। जिन लोगों ने सेल्फ असेसमेंट में हेरफेर की है, उन पर निगम अशसख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की तैयारी में है।

क्या है डेडलाइन अलर्ट और छूट?

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर जमा करने की प्रक्रिया शुरू है। अच्छी खबर है कि आप पहली तिमाही यानी 30 जून से पहले टैक्स एकमुश्त जमा करते हैं तो आपको कुल राशि पर 5% की छूट मिलेगी। जुलाई से सितंबर के बीच कोई छूट नहीं मिलेगी। अक्टूबर शुरू होते ही आप डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाएंगे। इसके बाद बकाया टैक्स पर हर माह 1.5% की दर से ब्याज जोड़ना शुरू कर दिया जाएगा।

30 दिनों की देरी और जुर्माना

आपने पटना नगर निगम क्षेत्र में नई जमीन, फ्लैट या मकान खरीदा है तो अब सुस्ती दिखाना महंगा पड़ सकता है। नए नियमों के मुताबिक संपत्ति की रजिस्ट्री होने के 30 दिनों में उसका सेल्फ असेसमेंट कराना जरूरी है। आप इस समय सीमा को चूकते हैं तो आवासीय संपत्ति के लिए 2,000 रुपये और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 5,000 रुपये का सीधा जुर्माना लगेगा। आपने घर में नया निर्माण कराया है या घर को ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है तो दोबारा असेसमेंट फॉर्म भरना होगा। ऐसा नहीं करने पर निगम 100% पेनल्टी के साथ टैक्स वसूली करेगा।

कैसे पूरा करें डिजिटल असेसमेंट?

नगर निगम ने टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। संपत्ति कर निर्धारण के लिए https://pmc.bihar.gov.in/newptax/mobile.aspx पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं। एक बार फॉर्म जमा होने के बाद आपको एसएएस नंबर मिलेगा। उससे टैक्स भुगतान आसान हो जाएगा। इसके बाद निगम अधिकारी आपके दावे का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर आपका स्थायी पीआईडी नंबर जारी कर दिया जाएगा।

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