कई सवाल साथ लिए विकास दुबे को यूपी पुलिस सड़क मार्ग से रवाना.. रिमांड के बग़ैर ले जाए जाने की खबर..

Update: 2020-07-09 15:36 GMT

रायपुर,9 जुलाई 2020। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के आरोपी विकास दुबे को नाटकीय ढंग से उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद पकड़ लिया गया। खबरें हैं कि देश को हिला देने वाले हत्याकांड के बाद विकास दुबे कानपुर के ही पास शिवली में छुपा रहा। जबकि यू पी पुलिस की पचास से अधिक टीमें उसे तलाश रही थीं। लाखों का ईनामी विकास दुबे किस तरीक़े से बुधवार की रात उज्जैन पहुँचा यह अब तक पुलिस सार्वजनिक नहीं कर रही है, यह बिलकुल वैसा ही रहस्य है जैसे कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है क़ि, नियमानुसार गिरफ़्तारी दर्ज की गई.. क्या यूपी पुलिस ने कोर्ट में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड ली या नही ली गई।

कई सवालों के बीच यूपी पुलिस विकास दुबे को लेकर सड़क मार्ग से ले जा रही है। इन सबके बीच कि विकास दुबे आठ दिन बाद उज्जैन में बरामद हुआ या कि पकड़ा गया या कि गिरफ़्तार किया गया, यह याद रखा जाना चाहिए कि यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने कहा है
“ नृशंस हत्यारों को वो सजा देंगे कि मामला मिसाल बनेगा”

यूपी और एमपी की सीमा सील है,और तमाम सुरक्षा मानकों को धता बता कर, विकास दुबे उज्जैन चले आया। उज्जैन में उसका पहुँचना सुनियोजित था या संयोग। वो पकड़ा गया जिसे कि क़ानून की भाषा में गिरफ़्तार कहते हैं या कि उसने सुनियोजित तरीक़े से खुद को गिरफ़्तार होने दिया, यह सवाल पंक्तियों के लिखे जाने तक अनुत्तरित है।

हालाँकि इस संयोग या कि सुनियोजित समर्पण को लेकर भाजपा कांग्रेस पूरे आरोप प्रत्यारोप के रंग सराबोर हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे पुलिस की सफलता इंटेलिजेंस की कुशलता बताते हुए मध्य प्रदेश पुलिस को बधाई दी तो वहीं कांग्रेस ने इसे सुनियोजित सरेंडर बताते पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठा दिया है।
यूपी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूरे मामले की सीबीआई जाँच की माँग है, उच्चस्तरीय जाँच की माँग सपा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी की है।
पंक्तियों के लिखे जाने के दौरान उज्जैन कप्तान मनोज कुमार सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा है
“पुलिस ने पंचनामा के साथ उसे हिरासत में लिया है.”
उज्जैन कप्तान को यह सवाल परेशान करते रहे कि उसकी गिरफ़्तारी दर्ज क्यों नहीं गई उसका रिमांड क्यों नहीं लिया गया।और आख़िर तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया पर उन्होंने प्रेस से बार बार कहा
“आप लोग समझिए बेहद विभत्स घटना इसने की है, उज्जैन पुलिस ने बहुत बड़ी सफलता हासिल की है”

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