Raigarh Crime News: रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख की ठगी, सीबीआई अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क...

Raigarh Crime News: छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख की ठगी हो गई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी ठग को बैंगलुरू से गिरफ्तार किया गया है।

Update: 2026-04-02 08:15 GMT

Raigarh Crime News: रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की पुलिस ने दुबई से संचालित साइबर ठगी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की टीम ने बैंगलूरू से दो शातिर ठगो को गिरफ्तार किया है। दोनों ठग ने रायगढ़ के रिटायर्ड शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख की ठगी की थी। आरोपियों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर 12 किश्तों में रकम ट्रांसफर कराए थे। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड बाद अब पुसौर पुलिस द्वारा ज्युडिसिल रिमांड लिया गया है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, घटना 11 नंवबर थाना पुसौर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जतरी की है। गरुण सिंह पटेल 72 वर्ष ने साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह रिटायर्ड टीचर है और 10 दिसम्बर 2025 को तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अनजान व्यक्ति का कॉल आया। आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और बोला कि मुंबई में आपके नाम से खाता खोला गया है। आपके खाते की जांच होगी, सहयोग कीजिये। आरोपी ने बातों को गोपनीय रखने कहा, और नहीं रखने पर गिरफ्तारी की धमकी देने लगे।

आरोपी ने कहा कि आपके अकाउंट में रखे कैश की जाँच होगी, इसके लिए आपको अपने अकाउंट की राशि हमारे अकाउंट में ट्रांसफर करनी होगी। ठग ने भरोसा दिया कि जाँच के बाद उन्हें रुपये वापस उनके अकाउंट में कर दिए जायेंगे।

ठग की बातों में आकर पीड़ित गरूण पटेल ने यूपीआई पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 25 से 29 अक्टूर 2025 के बीच 12 किश्तों में कुल 2328770 रूपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। उसके बाद भी आरोपी पीड़ित को व्हाटसअप में मनी लाउनड्रींग केश में फंसाये जाने की धमकी दे रहे थे।

30 अक्टूबर को पीड़ित ने अपने बेटे को घटना के बारे में बताया। बेटे को ठगी की जानकारी मिलते ही तत्काल पुसौर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गई ।

आरोपियों की घेराबंदी

मामले में अपराध क्रमांक 304/2025 धारा 318(4) BNS, 66(D) IT ACT के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर पुसौर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस द्वारा पीड़ित के सेन्टल बैंक से हुये ट्रांजेक्शन, संदग्धि यूपीआई आइडी, एनईएफटी, आरटीजीएस के डिटेल, आरोपियों के मोबाईल नम्बर एवं खाता नम्बर का केवायसी डिटेल निकाला गया। गहरी जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के बैंगलूरू (कर्नाटका) में होने की जानकारी मिली। 

तत्काल टीआई मोहन भारद्वाज के साथ एक विशेष टीम बैंगलूरू रवाना किया गया। पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद लेकर दो आरोपियों विग्नेश प्रकाश और स्टीफन थॉमस को बैंगलूरू के अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बैंगलूरू न्यायालय में पेश ट्रांजिट रिमांड लेकर रायगढ़ लाया गया । आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई ।

ऐसे करते थे ऑपरेट

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी विग्नेश पी लेबर एजेंट है। दुबई में इसकी मुलाकात फिरोज खान उर्फ डॉम्निक से हुई। आरोपी विग्नेश पी ने बताया कि फिरोज खान उर्फ डॉम्निक पहले बैंगलूरू में रहता था पिछले काफी सालों से दुबई में रह रहा है। फरोज दुबई में वीजा का काम देखता है, भारत व अन्य देशों से दुबई आने वालों के डक्युमेंट लेकर उसका गलत इस्तेमाल करता।

विग्नेश पी, फिरोज के लिए लेबर व्यवस्था कर दुबई भेजता था पर उनका असल काम साइबर फ्रॉड से जुडा है। फिरोज खान अपने अन्य साथियों के साथ पूरे देश में गिरोह डिजिटल अरेस्ट, आधार/सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में ठगी कर रहा था। फिरोज अपने साथी विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस जैसे लोगों को अपने गिरोह में शामिल कर ठगी के रूपये प्राप्त करता था जिसके एवज में इन्हें कमीशन मिलता था।

गिरफ्तार आरोपी

1. विग्नेश पी. पिता ए. प्रकाश उम्र 29 वर्ष निवासी 4/1 15 कॉस 4 मेन रोड सम्पन्नगिरीनगर बेंगलुरु  कर्नाटका

2. स्टीफन थॉमस पिता उम्र 54 वर्ष म.नं. 24, 3 कॉस 4 मेन, थाना सुब्रमण्यम नगर, बेंगलुरु कर्नाटका

फरार आरोपी - फिरोज खान उर्फ डॉम्निक

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा...किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या सरकारी अधिकारी बनकर दी जा रही धमकियों से सावधान रहें, घबरायें नहीं। किसी भी परिस्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। 


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