कौन हैं ये वर्ल्ड चैंपियन?... मैरीकॉम से भिड़ीं और फेडरेशन से भी हुई लड़ाई!, पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने भी दी बधाई

Update: 2022-05-20 06:48 GMT

नईदिल्ली 20 मई 2022 I  भारतीय महिला बॉक्सर निकहत जरीन ने गुरुवार को इतिहास रच दिया. उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है. 52 किग्रा. कैटेगरी में निकहत ने थाईलैंड की जिटपॉन्ग जुटामस को 5-0 से करारी शिकस्त दी. निकहत की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, ''निकहत जरीन को महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई। मैं मनीषा मौन और परवीन हुड्डा को भी इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक के लिए बधाई देता हूं।'' अमित शाह ने ट्वीट किया, ''महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर निकहत जरीन को बधाई। भारत को आपकी उपलब्धि पर गर्व है। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।''

इस जीत के साथ जरीन विश्व चैंपियन बनने वाली पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज गई हैं. उनसे पहले ये कारनामा छह बार की चैंपियन एमसी मैरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006) और लेखा केसी कर चुके हैं. उनका जन्म तेलंगाना के निजामाबाद में 14 जून 1996 को हुआ था. उनके पिता का नाम मुहम्मद जमील अहमद और माता का नाम परवीन सुल्ताना है. इस भारतीय स्टार ने 13 साल की उम्र में बाक्सिंग ग्ल्बस से दोस्ती कर ली थी. वो भारतीय मुक्केबाजी की लीजेंड एमसी मैरीकाम को अपना आदर्श मानती हैं.


25 साल की निकहत जरीन 5वीं भारतीय महिला बॉक्सर हैं, जिन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. बॉक्सिंग लीजेंड मैरीकॉम ने इस चैम्पियनशिप में 6 बार गोल्ड जीतकर रिकॉर्ड बनाया है. इस चैम्पियनशिप में मैरीकॉम, निखत के अलावा सरिता देवी, जेनी आरएल और लेखा सी.भी गोल्ड जीत चुकी हैं. निकहत का जन्म 14 जून 1996 को तेलंगाना के निजामाबाद में हुआ था. उनके पिता मुहम्मद जमील अहमद और माता परवीन सुल्ताना हैं. निकहत ने 13 साल की उम्र में ही बाक्सिंग ग्लव्स थाम लिए थे. निकहत की लीजेंड एमसी मैरीकाम से कई बार भिड़ंत भी हुई है.

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