स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च, पीएम मोदी बोले- नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं देना होगा कोई पैसा….जानिये और क्या-क्या होगा फायदा

Update: 2021-08-13 01:52 GMT

नई दिल्ली 13 अगस्त 2021। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की नयी स्क्रैप पॉलिसी लांच कर दी है। स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा. कमर्शियल गाड़ी जहां 15 साल बाद कबाड़ घोषित हो सकेगी, वहीं निजी कार के लिए यह समय 20 साल है. अगर आसान शब्दों में कहें तो आपकी 20 साल पुरानी निजी कार को रद्दी माल की तरह कबाड़ी में बेच दिया जाएगा. वाहन मालिकों को तय समय बाद ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर ले जाना होगा. सरकार का दावा है कि स्क्रैपिंग पॉलिसी से वाहन मालिकों का न केवल आर्थिक नुकसान कम होगा, बल्कि उनके जीवन की सुरक्षा हो सकेगी. सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी होगी.पॉलिसी के मुताबिक, 20 साल पुराने ऐसे वाहन जो फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे या दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे, उनको डी-रजिस्टर किया जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा, इस पॉलिसी से सामान्य परिवारों को हर प्रकार से बहुत फायदा होगा, सबसे पहला लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा. ये सर्टिफिकेट जिसके पास होगा उसे नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा. इसके साथ ही उसे रोड टैक्स में भी कुछ छूट दी जाएगी. दूसरा फायदा ये होगा कि पुरानी गाड़ी की मैंटेनेंस कॉस्ट, रिपेयर कॉस्ट, फ्यूल में भी बचत होगी. तीसरा फायदा सीधा जीवन से जुड़ा है. पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी. चौथा, इससे हमारे स्वास्थ्य प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें भी कमी आएगी.

पीएम मोदी ने बताया कि नई स्क्रैपिंग नीति कचरे से कंचन के अभियान की सर्कुलर अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी है. ये नीति शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है. ये नीति मेटल सेक्टर में देश की आत्मनिर्भरता को भी नई ऊर्जा देगी. ये नीति देश में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश लाएगी और हजारों रोजगार का निर्माण करेगी.

क्या है स्क्रैप पॉलिसी?

15 और 20 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप यानी कबाड़ कर दिया जाएगा. कमर्शियल गाड़ी के लिए 15 और निजी गाड़ी के लिए 20 साल का समय थय किया गया है. तय समय बाद वाहनों को ऑटोमेटेड़ फिटनेस सेंटर ले जाना होगा. ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर का संचालन प्राइवेट कंपनियां करेंगी और इन्हीं निवेशकों को लुभाना इस समिट का एक बड़ा एजेंडा भी है. इस स्क्रैप पॉलिसी से क्या फायदा होगा वो भी जान लीजिए.

स्क्रैप पॉलिसी से क्या फायदा?

वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान कम होगा, इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाएं कम होगी और जीवन सुरक्षित होगा. नए वाहनों में ज्यादा सुरक्षा मानकों का पालन होगा. पुराने वाहनों के स्क्रैप से प्रदूषण कम होगा. बजट में भी वित्त मंत्री नई स्क्रैप पॉलिसी का जिक्र कर चुकी हैं, वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने अगले 5 सालों में 2 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है.

नए नियम कब से लागू होंगे नियम

फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू होंगे. सरकारी और PSU से जुड़े 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने वाले नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे. कॉमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे.अन्य वाहनों के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 जून 2024 से चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे.

क्या नई पॉलिसी के बाद आम लोगों को सस्ते में मिलेगी कार?

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में स्क्रैपेज पॉलिसी लॉन्च करते वक्त बताया था कि. हमने एक एडवाइजरी जारी कर सभी ऑटोमेकर्स को स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नये वाहन की खरीद पर 5 फीसदी का डिस्काउंट देने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी एक विन विन पॉलिसी है, जिससे ना सिर्फ प्रदूषण में तेजी से कमी लाई जा सकेगी बल्कि ऑटो सेक्टर को भी फायदा मिलेगा

पॉलिसी से कार मालिक को क्या फायदे होंगे?

ऑटो सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर वाहन मालिकों को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इस सर्टिफिकेट को दिखाकर नया वाहन खरीदने पर 5 फीसदी की छूट मिलेगी. यह छूट ऑटो कंपनियां देंगी. नया वाहन खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देना होगा. नया पर्सनल व्हीकल खरीदने पर रोड टैक्स में 25 फीसदी की छूट मिलेगी. कमर्शियल व्हीकल खरीदने वालों को रोड टैक्स में 15% की छूट मिलेगी.

मेरी पुरानी कार की कीमत किस आधार पर तय होगी?

मार्च में संसद सत्र के दौरान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी पेश करते हुए नितिन गडकरी ने बताया था कि स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर होगी. स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू एक्स-शोरूम प्राइस की 4-6 फीसदी हो सकती है.

कॉमर्शियल वाहनों के लिए नियम क्या है?

शुरुआत में कमर्शियल वाहनों को ऑटोमेटिड फिटनेस टेस्ट के आधार पर पर स्क्रैप किया जाएगा. जबकि निजी वाहनों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराने के आधार पर स्क्रैप किया जाएगा. ये नियम जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और जापान जैसे देशों के आधार पर तय किए गए हैं.

अगर मेरी गाड़ी फिटनेस टेस्ट पास नहीं किया तो क्या होगा?

अंग्रेजी के अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, ऐसी गाड़ियां जो फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाएंगी. उनको ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ घोषित किया जाएगा. अगर आसान शब्दों में कहें तो ऐसी गाड़ियों को सड़क पर नहीं चलाया जा सकेगा.

पॉलिसी में 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट पाने में विफल रहने पर डी-रजिस्टर करने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को फिटनेस टेस्ट कराने के लिए भी ज्यादा टैक्स देना होगा.

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