प्रमोशन पर रोक : सभी सेवाओं व पदों में प्रोन्नति पर अगले आदेश तक रोक, सीएम ने दिया ये आदेश…..इस राज्य में कर्मचारियों में हड़कंप
रांची 25 दिसंबर 2020। राज्य सरकार की सभी सेवाओं और पदों में प्रोन्नति पर अगले आदेश तक के लिए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के प्रोन्नति के मामले से संबंधित विधानसभा की विशेष समिति की बैठक में इसकी समीक्षा के बाद सरकारी सेवाओं एवं पदों में प्रोन्नति पर रोक लगाने का आदेश दिया.कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है. सभी विभागीय प्रमुख, प्रमंडल के आयुक्त और जिलों के उपायुक्तों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिये गये हैं.
मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के प्रोन्नति के मामले से संबंधित विधानसभा की विशेष समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर पूरे वस्तुस्थिति की जानकारी ली. इस मौके पर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा बनाये गये नियमों एवं निर्देशों के अनुकूल प्रोन्नति देने को लेकर प्रस्ताव एवं प्रतिवेदन सौंपा.
पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जल्द ही ठोस निर्णय लेने की बात कही. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एसटी-एससी कर्मचारी-अधिकारी के साथ अन्याय नहीं होगा. इस मामले को एक माह में सुलझा लिया जायेगा. सरकार समाधान निकालेगी, लेकिन तब तक राज्य में किसी तरह की प्रोन्नति नहीं होगी.
बैठक में बंधु तिर्की, नीलकंठ सिंह मुंडा और अमर बाउरी ने प्रोन्नति में गड़बड़ी का मामला उठाया. सभी विधायकों का कहना था कि प्रोन्नति में नियम का पालन नहीं हो रहा है. कर्मियों के साथ अन्याय हो रहा है. बैठक के बाद श्री तिर्की ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रोन्नति तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाये. मुख्यमंत्री एसटी-एससी कर्मियों की समस्या को लेकर गंभीर हैं.
सरकार ने एसटी-एससी कर्मियों को क्रिसमस का गिफ्ट दिया है. यह बड़ा तोहफा है. श्री तिर्की ने कहा कि राज्य में गैर आरक्षित कोटे में एसटी-एससी कर्मियों की प्रोन्नति नहीं हो रही है. यह गलत है. 2007 से पूर्व होता रहा है. आरक्षित कोटे में ही इनको प्रोन्नति दी जा रही है, जबकि आरक्षण व प्रोन्नति दो अलग विषय है. श्री तिर्की ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया.