West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: भाजपा ने झोंकी ताकत, दर्जनभर संगठन मंत्रियों की तैनाती, जिताऊ उम्मीदवारों पर लगी नजर
West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल में भले ही विधानसभा चुनाव में दो माह से ज्यादा का वक्त हो, मगर भाजपा ने अपना होम वर्क शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों के दर्जनभर प्रदेश संगठन मंत्रियों को वहां तैनात कर प्रचार मैनेजमेंट और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
West Bengal Assembly Election
West Bengal Assembly Election: रायपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होगा और इससे पहले अप्रैल आखिरी या मई प्रारंभ में चुनाव हो सकता है। हमेशा की तरह प्लान में आगे रहने वाली भाजपा ने मैदानी स्तर पर अपना काम शुरू कर दिया है।
इन दिनों छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय सहित राज्य के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेता व विधायक पश्चिम बंगाल की चुनिंदा सीटों का दौरा कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि देशभर के दर्जनभर से अधिक अनुभवी संगठन मंत्रियों को पश्चिम बंगाल के विधानसभा सीटों का अध्ययन करने और चुनाव पूर्व तैयारियों के लिए भेज दिया गया है। ये सभी संगठन मंत्री राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के परिदृश्य वाले हैं और जनता की नब्ज को पकड़ने में माहिर माने जाते हैं। ज्यादातर संगठन मंत्रियों को तीन माह तक के लिए तैनात कर दिया गया है, मतलब साफ है कि चुनाव होने तक उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी।
ओडिशा और झारखंड सीमा की सीटों पर नजर
पार्टी सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के नेताओं को ओडिशा और झारखंड की सीमा से लगने वाली पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों का जिम्मा दिया गया है। इन इलाकों में ओडिशा और झारखंड से मिलती- जुलती संस्कृति व बोलियां हैं, इस वजह से स्थानीय नेताओं को ज्यादा दिक्कत नहीं आती। इन सीटों में ज्यादातर में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है और भाजपा इन सीटों में बदलाव कर अपनी सीट संख्या बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इन दोनों राज्यों की सीमाओं में प्रमुख रूप से पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर इलाके की विधानसभा सीटें आती हैं।
झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा (पुरुलिया और झाड़ग्राम जिले) की सीटें और काबिज दल का नाम
बांदवान (एसटी)- तृणमूल कांग्रेस
बलरामपुर -भाजपा
बागमुंडी -तृणमूल कांग्रेस
जॉयपुर -भाजपा
पुरुलिया -भाजपा
मानबाजार (एसटी)-तृणमूल कांग्रेस
रघुनाथपुर (एससी)-भाजपा
झाड़ग्राम-तृणमूल कांग्रेस
गोपीबल्लभपुर-तृणमूल कांग्रेस
ओडिशा-पश्चिम बंगाल सीमा (पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम) की सीटें-
नारायणगढ़- तृणमूल कांग्रेस
केशियारी (एसटी)-तृणमूल कांग्रेस
दंतन-तृणमूल कांग्रेस
नयाग्राम (एसटी)-तृणमूल कांग्रेस
50-55 विस सीटों पर फोकस
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है, इस कारण कभी कोई दिक्कत नहीं आती है। पश्चिम बंगाल की 50 से अधिक विधानसभा सीटों पर संगठन स्तर पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। ये वे सीटें हैं, जहां भाजपा अक्सर कम मार्जिन से हार जाती है. ये ऐसी सीटें है जहां से भाजपा प्रत्याशी के जीतने की संभावना बनी हुई है। अभी बर्धमान की विधानसभा सीटों पर छत्तीसगढ़ के चुनिंदा अनुभवी नेताओं व विधायकों को भेजा गया है। यहां कुछ सीटें भाजपा की भी है। पूर्व, दक्षिण और पश्चिम विधानसभा में विभाजित इन सीटों के लिए निचले स्तर के कार्यकर्ताओं का दल गया हुआ है, जो वहां लगातार दौरा कर फीड बैक ले रहे हैं और स्थानीय संगठन से विचार- विमर्श कर रहे हैं। इसके अलावा जरुरत पड़ने पर संभावित जिताऊ प्रत्याशी का भी टोह लिया जा रहा है, जिससे प्रत्याशी चयन में आसानी हो सके।