अभी-अभी: अमेरिका-इजरायल के एक्शन पर पलटवार, ईरान ने 8 देशों में मौजूद US बेस पर दागी मिसाइलें, US नेवी की 5th फ्लीट पर गिरी मिसाइलें

Iran US Tensions: अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के जवाब में ईरान ने पलटवार करते हुए बहरीन, कतर और UAE सहित 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (US Bases) पर मिसाइल हमले किए हैं।

Update: 2026-02-28 11:05 GMT

फोटो: AI जेनरेटेड

नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026: अमेरिका (US) और इजरायल (Israel) के हालिया हमलों के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। शनिवार दोपहर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित कम से कम 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (US Military Bases) पर मिसाइलें दागी हैं। बहरीन सरकार के अनुसार वहां स्थित US नेवी के 5वें फ्लीट के हेडक्वार्टर (5th Fleet HQ) को सीधे मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया है।

खाड़ी देशों में गूंजे सायरन और धमाके

ईरान के इस बड़े कदम के बाद पूरे रीजन में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। कतर, कुवैत, सऊदी अरब और इजरायल के साथ-साथ दुबई और अबू धाबी (Abu Dhabi) में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इन हमलों के बाद कई जगहों पर सायरन बजने लगे।

फिलहाल अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान या किसी भी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मिडिल ईस्ट के इन बेस पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक और उनके एडवांस हथियार तैनात रहते हैं।

तनाव का कारण: खामेनेई के आवास के पास हुआ था हमला

ईरान का यह एक्शन दरअसल शनिवार को ही अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के भीतर किए गए एक बड़े टारगेटेड हमले का नतीजा है। पहला हमला राजधानी तेहरान के डाउनटाउन में स्थित 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के आवास के करीब हुआ था। हमले के बाद तेहरान में धुआं उठता देखा गया। हालांकि, यह पता नहीं है कि हमले के वक्त खामेनेई वहां मौजूद थे या नहीं।

ट्रंप की अपील: "ईरानी नागरिक अपनी सरकार पर कब्जा करें"

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर सीधे ईरानी नागरिकों को संबोधित किया। ट्रंप ने 47 साल के ईरानी शासन को हिंसक बताते हुए लोगों से अपील की कि वे हमलों के दौरान सुरक्षित रहें और इसके बाद अपनी सरकार का तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले लें। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम (Nuclear Program) पर दबाव बनाने के लिए ही इलाके में फाइटर जेट्स और वॉरशिप्स का एक बड़ा बेड़ा तैनात कर कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू किया है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और हूतियों का एक्शन

ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आधिकारिक बयान में कहा है कि उन्होंने इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों की 'पहली लहर' लॉन्च कर दी है। इसके साथ ही यमन में ईरान समर्थित हूती (Houthi) विद्रोहियों ने भी बिना किसी आधिकारिक घोषणा के रेड सी (Red Sea) शिपिंग रूट और इजरायल पर दोबारा हमले शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

FAQ: मिडिल ईस्ट क्राइसिस से जुड़े मुख्य सवाल

Q: ईरान ने किन देशों में अमेरिकी बेस पर हमला किया है?

A: ईरान ने बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत और दुबई सहित कम से कम 8 स्थानों पर मौजूद US सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है।

Q: ईरान के हमले का तात्कालिक कारण क्या था?

A: शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास के पास टारगेटेड हमला किया था। इसी के पलटवार में ईरान ने यह कार्रवाई की है।

Q: बहरीन में किस अमेरिकी ठिकाने पर मिसाइलें गिरीं?

A: रिपोर्ट्स के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी नौसेना (US Navy) के पांचवें फ्लीट (5th Fleet) के हेडक्वार्टर पर मिसाइलें दागी गई हैं।

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