Tamilnadu ED Raid: ED बनाम पुलिस: मंत्री पर छापा मारने गए अधिकारियों पर ही केस दर्ज, तमिलनाडु में सियासी घमासान

Tamilnadu ED Raid: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब ईडी ने ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी और उनके बेटे, पलानी के विधायक आईपी सेंथिल कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की, ईडी ने जब चेन्नई में स्थित एमएलए हॉस्टल में दबिश दी, पुलिस का कहना है कि छापेमारी से पहले न तो कोई पूर्व सूचना दी गई, और न ही स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई. इसी आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

Update: 2025-08-17 10:47 GMT

Tamilnadu ED Raid: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी और उनके बेटे, पलानी के विधायक आईपी सेंथिल कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई. ईडी ने जब चेन्नई के एमएलए हॉस्टल में दबिश दी, तो इस पर सवाल उठने लगे. पुलिस का कहना है कि छापेमारी से पहले न तो कोई पूर्व सूचना दी गई, और न ही स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई. इसी आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

छापेमारी की यह कार्रवाई डिंडीगुल में मंत्री के निजी निवास, पलानी में उनके बेटे के घर और शिवाजी नगर स्थित उनकी बेटी के निवास पर हुई. तीनों जगहों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ सुबह-सवेरे दबिश दी गई. कई घंटों तक चली तलाशी में दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को खंगाला गया.

डीएमके ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताया. पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि यह छापेमारी विपक्षी दलों को डराने और बदनाम करने की साजिश है. डीएमके का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए कर रही है. डीएमके नेताओं का मानना है कि यह छापेमारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चल रहे वोट चोरी के आरोपों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए की गई. उनका कहना है कि भाजपा जांच एजेंसियों के ज़रिए विपक्ष को दबाने की रणनीति पर काम कर रही है.

18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

जिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की गई है, वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है. शीर्ष अदालत इस मामले की सुनवाई 18 अगस्त को करने जा रही है. ईडी की कार्रवाई को इस सुनवाई से पहले की राजनीतिक चाल बताया जा रहा है.

जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल

तमिलनाडु की घटना कोई पहला मामला नहीं है. पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी विपक्ष ने बार-बार आरोप लगाए हैं कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.

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