अमेरिका के 15 प्रतिशत टैरिफ से भारत पर क्या होगा असर? वित्त मंत्री ने बताया इसके पीछे का असली ग्लोबल गेम!
ट्रंप के 15 परसेंट ग्लोबल टैरिफ से क्या डरेगी भारतीय अर्थव्यवस्था? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बड़ा बयान। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों की असली वजह भी बताई। जानें RBI बोर्ड मीटिंग के बाद क्या कहा?
नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आयात शुल्क (टैरिफ) में किए गए बड़े बदलावों को लेकर भारत सरकार ने अब अपनी चुप्पी तोड़ दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इन बदलावों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा? यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी। सरकार और वाणिज्य मंत्रालय हालत पर बारीक नजर रखे हुए हैं।
अमेरिका में क्या बदला और भारत क्यों है अलर्ट?
मामला 20 फरवरी से शुरू हुआ जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए हुए पुराने टैरिफ नियमों को रद्द कर दिया। इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक नया 'एग्जीक्यूटिव ऑर्डर' जारी कर दिया:
- 15 परसेंट ग्लोबल टैरिफ: ट्रंप ने सभी देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 15% का ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
- कब से लागू: यह नया नियम 24 फरवरी 2026 (कल) से लागू होने जा रहा है।
- असर: भारत के कपड़ा, आईटी, रत्न एवं आभूषण जैसे मुख्य निर्यात क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
वित्त मंत्री ने दिल्ली में आरबीआई की 621वीं सेंट्रल बोर्ड मीटिंग के बाद कहा कि वाणिज्य मंत्रालय इन नियमों की जांच कर रहा है और जल्द ही एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए अमेरिका रवाना हो सकता है।
सोना और चांदी क्यों हो रहे हैं महंगे?
आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता सोने की कीमतों में आ रही भारी तेजी है। सोमवार को एमसीएक्स (MCX) पर सोना करीब 3,000 रुपये महंगा होकर 1,59,822 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वित्त मंत्री ने इसकी दो मुख्य वजहें बताईं:
- सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के देशों के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना और चांदी खरीदकर स्टोर कर रहे हैं। जब मांग इतनी ज्यादा हो, तो कीमतें बढ़ना तय है।
- सुरक्षित निवेश: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के चलते सोना हमेशा से पसंदीदा निवेश रहा है।
वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आरबीआई और सरकार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और फिलहाल कंडीशन चिंताजनक नहीं है।
बैंकों को नसीहत और कंपनियों से अपील
निर्मला सीतारमण ने बीमा उत्पादों की 'मिस-सेलिंग' (गलत जानकारी देकर बेचना) पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बैंकों को सख्त लहजे में कहा कि वे अपने मुख्य काम (Core Business) यानी बैंकिंग पर ध्यान दें। साथ ही उन्होंने भारतीय कंपनियों से अपील की कि वे देश की 'ग्रोथ स्टोरी' का हिस्सा बनें और निवेश बढ़ाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या अमेरिका के टैरिफ बढ़ने से भारत में सामान महंगा होगा?
अमेरिका ने यह टैक्स भारत से जाने वाले सामान पर लगाया है। इससे भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उनकी कमाई पर पड़ेगा। भारत में मिलने वाले सामान पर इसका सीधा असर नहीं होगा।
2. सोने की कीमतों में गिरावट कब आएगी?
जब तक वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी खरीदारी कम नहीं करते और अंतरराष्ट्रीय तनाव कम नहीं होता, कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है।
3. क्या भारत भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाएगा?
वित्त मंत्री ने कहा है कि वाणिज्य मंत्रालय अभी अध्ययन कर रहा है। कोई भी फैसला बातचीत और हालात के आकलन के बाद ही लिया जाएगा।