Satta King Azad Khan ki Kahani : बकरी चराने से ‘सट्टा किंग’ तक ! बाप ने सिखाई पर्ची काटना, बेटे ने खड़ा कर दिया 10 करोड़ का साम्राज्य, आज़ाद खान की कहानी चौंका देगी
Satta King Azad Khan ki Kahani : पिता की सट्टे की पर्ची काटने से शुरू हुआ आजाद का सफर, कब IPL सट्टे तक पहुंचा। कैसे वह करोड़ों का मालिक बन गया। पढ़िए, बकरी के चरवाहे के सट्टा किंग बनने की कहानी.
Satta King Azad Khan ki Kahani: पुलिस-प्रशासन की टीम ने अशोक नगर में पिछले महीने जिस आजाद खान की करोड़ों की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाया, वह सट्टा किंग के रूप में जाना जाता है। पुलिस-प्रशासन ने उसके 10 करोड़ का होटल और फार्म हाउस जमींदोज किया था। आजाद को जेल भी भेजा गया था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आया है। जो आजाद बचपन में बकरियां चराता था, उसने IPL से रुपए कमाने का ऐसा जुगाड़ निकाला कि कम समय में गुना के साथ ही अशोकनगर में सटोरियों के बीच छा गया।
शहर से निकलकर पूरे प्रदेश और फिर पड़ोसी राज्य राजस्थान तक सट्टे का जाल बिछाकर करोड़ों की कमाई की। परिवार को राजनीति में उतारा। होटल-फार्म हाउस के साथ ही जमीनों तक में बड़ा निवेश किया। पिता की सट्टे की पर्ची काटने से शुरू हुआ आजाद का सफर, कब IPL सट्टे तक पहुंचा। कैसे वह करोड़ों का मालिक बन गया। पढ़िए, बकरी के चरवाहे के सट्टा किंग बनने की कहानी...
गरीब परिवार में जन्म, पिता सट्टा पर्ची काटते थे
अशोक नगर के आजाद मोहल्ले में रहने वाले गरीब परिवार में आजाद खान का जन्म हुआ। पिता अलीम खान उर्फ पप्पू टेलरिंग किया करते थे। वे इसके साथ सट्टे की पर्ची भी काटा करते थे। घर में बकरियां थी, तो आजाद इन्हें चराने का काम किया करता था। खाली समय में आजाद अपने पिता के साथ समय बिताया करता था। पिता को पर्ची काटते देख कम उम्र में ही उसने यह कलाकारी सीख ली। पिता की गैर मौजूदगी में वह यह काम संभालने लगा। यही उसने अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा। 2003 तक आजाद ऑफलाइन सट्टा ही खिलाया करता था। 2003 में पहली बार उस IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टे के बारे में पता चला। उसने परिचित सटोरियों के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वालों से संपर्क किया।
उसे सट्टे का अच्छा नॉलेज था इसलिए, ऑनलाइन सट्टे में भी उसने अच्छा काम किया। अच्छा कमीशन तो मिला, लेकिन आईडी वाले सटोरियों को मोटा मुनाफा होता देख आजाद ने खुद इसमें हाथ आजमाने का सोचा। जानकारी जुटाने के बाद उसने सबसे पहले अपनी सट्टा आईडी VTX991 बनाई। यहीं से लोगों को मोटा मुनाफा देने का लालच देखकर काम शुरू किया। आईडी यूज करने वालों से सिर्फ वह दो परसेंट कमीशन लिया करता था। धीरे-धीरे उसने कमीशन एजेंट बनाने शुरू किया।
अशोक नगर के बाद गुना और फिर पूरे प्रदेश में नेटवर्क बनाया। यहां से बाहर निकलकर राजस्थान में भी अपने सटोरिए परिचितों को जोड़ा और वहां नेटवर्क फैला लिया। कमाई बढ़ाने रियल एस्टेट में रखा कदम आजाद ने सट्टे के साथ ही दूसरे माध्यम से और रुपए कमाने का सोचा। जो रुपए उसने सट्टे से कमाए, उसे रियल एस्टेट में खपाना शुरू किया। उसने जमीन खरीदने बेचने का काम भी शुरू कर दिया। अशोक नगर के कई लोगों के साथ वह जमीनों के खेल में पार्टनर बन गया।
इसके अलावा अशोक नगर में ही एक होटल भी बना ली। उसका नाम रखा आजाद पैलेस। वहीं, अपने गांव में एक फॉर्म हाउस का निर्माण भी कर डाला। बेहद आलीशान फॉर्म हाउस में बड़ी पार्टियां भी आयोजित हुआ करती थीं। रुतबा बढ़ाने पॉलिटिक्स में परिवार की एंट्री पैसा और पावर के लिए आजाद ने अपने भाई को राजनीति में उतार दिया। वर्तमान में भाई अशोक नगर में पार्षद है और कई सामाजिक कामों में एक्टिव रहता है। आजाद ने खुद को पावरफुल दिखाने के लिए राजनेताओं से संबंध बनाने शुरू किए। कई विधायक-मंत्रियों से संबंध जोड़े। कुछ हद तक इसका उसे फायदा भी मिलता रहा। करीबी तो यहां तक बताते हैं कि आजाद ने कुछ नेताओं के लिए चुनाव में फंडिंग भी की है। इसके एवज में उसे प्रोटेक्शन देने का भी वादा किया गया।
गुना में IPL सट्टे में आया नाम
आजाद खान की मुश्किलें पिछले साल गुना के कैंट थाने में IPL सट्टे को लेकर एक केस दर्ज होने के बाद बढ़ी। अप्रैल महीने में IPL के दौरान गुना पुलिस ने 10 सटोरियों पर FIR दर्ज की। इनमें संदीप सोलंकी, सुखजीत सिंह बल, सूरज शर्मा, जावेद चिकना, रवि राठौर, रोनित राठौर, राकेश प्रजापति टेना, अजय कुशवाह के नाम शामिल थे। पूछताछ के बाद इसी मामले में आजाद खान को भी आरोपी बनाया गया।
इसी मामले में आजाद खान ने गुना कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया, जहां से उसे जमानत मिल गई। सूत्रों की माने तो FIR से नाम हटवाने के लिए उसने पुलिस पर कई जगह से दबाव बनवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
5 दिन पहले मिली जमानत गिरफ्तारी के बाद से ही वह अशोकनगर जेल में बंद था। पांच दिन पहले उसे अशोकनगर कोर्ट से जमानत मिल गई, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया है। फिलहाल प्रशासन उसके अवैध ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। लाइसेंस सस्पेंड, गिरफ्तारी भी हुई पिछले महीने ही अशोक नगर SP के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने उसका आर्म्स लाइसेंस निरस्त किया। इसके बाद उसे हथियार थाने में सरेंडर करने के निर्देश दिए गए। आजाद ने कुछ दिन बाद थाने पहुंचकर पिस्टल सरेंडर कर दी। इसके एक हफ्ते बाद ही अशोक नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
विदेशी सिम से सट्टा ऑपरेट करता था गुना में
जब उस पर FIR हुई और पुलिस ने जांच शुरू की, तो उस पर एक इंटरनेशनल नंबर भी मिला, इसी से वह अपना सट्टा ऑपरेट करता था। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि उसने किस देश की सिम खरीदी और कैसे उसे सिम मिली। गुना में पकड़े गए एजाज खान के मोबाइल में भी उसकी आईडी मिली थी। एजाज खान गुना में उसके लिए काम करता था और उसका एकदम खास है।
इस मामले में है आरोपी
15 मई 2025 में शहर के दो सगे सराफा व्यापारी भाई नंदकिशोर सोनी और रामेश्वर सोनी ने कर्ज से परेशान होकर एक दूसरे के गले में हाथ डालकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों भाइयों के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही थी। उन्होंने सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या की थी। इस मामले में पुलिस की जांच में आजाद का नाम सामने आया था।
दिसंबर 2025 में अशोक नगर में सटोरिया आजाद खान के भाई और पार्षद राशिद खान चिन्ना पर दो भाइयों की आत्महत्या से जुड़े मामले में दबाव बनाने का आरोप लगा है। कोतवाली पुलिस ने राशिद और उसके ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। कुछ दिन बाद ही अशोक नगर के मुख्य मार्केट में स्थित होटल के अवैध हिस्से पर भी बुलडोजर चला दिया। निर्माण के दौरान नियमों का पालन न करने के कारण इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और नगर पालिका के अमले के साथ 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे।