कोटा : सोशल मीडिया पर जहर उगलना पड़ा भारी! राहुल गांधी और सांसदों को दी थी धमकी, अब कोटा पुलिस ने सिखाया सबक

राजस्थान के कोटा में एक युवक द्वारा लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के 25 सांसदों को घर में घुसकर गोली मारने की सनसनीखेज धमकी देने का मामला सामने आया है. खुद को भाजपा और करणी सेना का कार्यकर्ता बताने वाले आरोपी राजसिंह आमेरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर यह धमकी दी, जिसके बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है. 

Update: 2026-02-19 13:13 GMT

कोटा: सोशल मीडिया पर जहर उगलना पड़ा भारी! राहुल गांधी और सांसदों को दी थी धमकी, अब कोटा पुलिस ने सिखाया सबक

Rahul Gandhi Death Threat Kota Arrest : कोटा : राजस्थान के शिक्षा नगरी कहे जाने वाले कोटा से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. खुद को एक संगठन का पदाधिकारी बताने वाले राजसिंह आमेरा नाम के एक शख्स ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के 25 सांसदों को सरेआम जान से मारने की धमकी दी है. आरोपी ने वीडियो में न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि यह भी कहा कि वह सांसदों के घर में घुसकर उन्हें गोली मार देगा. मामला सामने आते ही कोटा पुलिस ने फौरन एक्शन लिया और आरोपी को धर दबोचा.

क्या है पूरा विवाद

वायरल वीडियो में आरोपी राजसिंह आमेरा बेहद गुस्से में नजर आ रहा है. उसका दावा है कि संसद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ विपक्ष के सांसदों ने बदतमीजी की है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेगा. उसने सीधे तौर पर राहुल गांधी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर सांसदों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह खुद कानून हाथ में लेगा और एक-एक को गोली मारेगा.

इस वीडियो के सामने आते ही कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने इसे विपक्ष के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश बताया.

पुलिस की गिरफ्त में हिस्ट्रीशीटर आरोपी

कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस ने सोशल मीडिया सेल की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया है. जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि धमकी देने वाला राजसिंह कोई सीधा-साधा व्यक्ति नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी है. उसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में 4 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस वीडियो के पीछे क्या उसकी कोई निजी रंजिश थी या वह किसी के इशारे पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था.

पल्ला झाड़ते दिखे संगठन और दल

जैसे ही मामला गरमाया, भाजपा और करणी सेना दोनों ने ही आरोपी से किनारा कर लिया है. भाजपा के कोटा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने साफ कहा कि राजसिंह का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और न ही वह भाजपा का सदस्य है. वहीं, करणी सेना ने भी उसे अपना प्रवक्ता मानने से इनकार कर दिया है.

गिरफ्तारी के बाद बदले सुर

हैरानी की बात यह है कि जो शख्स वीडियो में सीना ठोककर गोलियां चलाने की बात कर रहा था, पुलिस की गिरफ्त में आते ही उसके सुर बदल गए. अब वह खुद को निर्दोष बता रहा है. आरोपी का कहना है कि किसी ने उसकी फर्जी आईडी बनाकर वीडियो अपलोड किया है और उसे फंसाया जा रहा है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि नए क्रिमिनल कानून के तहत आरोपी पर सख्त धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है और वीडियो की जांच की जाएगी.

क्या विवाद था लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विपक्ष के बीच 

 अविश्वास प्रस्ताव और पक्षपात का आरोप : विपक्षी दलों ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. विपक्ष का मुख्य आरोप था कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण है और वे सदन में विपक्षी नेताओं, खासकर राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं. विवाद तब और बढ़ गया जब पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं मिली. विपक्ष का कहना है कि उनकी आवाज दबाई जा रही है और सत्ता पक्ष को मनमानी करने की छूट दी जा रही है.

 चैंबर में अभद्रता और सुरक्षा का विवाद : दूसरी ओर, सत्ता पक्ष और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के करीब 20-25 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की. बीजेपी का दावा है कि विपक्षी सांसदों ने न केवल मर्यादा तोड़ी, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस हंगामे और अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद, ओम बिरला ने नैतिक आधार पर तब तक सदन की अध्यक्षता न करने का फैसला किया है जब तक कि उनके खिलाफ लाए गए प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता.

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