PM Modi New Year Message 2026 : नए साल 2026 की शुरुआत : पीएम मोदी ने संस्कृत के 'महामंत्र' से दी देशवासियों को बधाई, बताया जीवन का असली लक्ष्य
PM Modi New Year Message 2026 : साल 2026 का आगाज दुनिया भर में हर्षोल्लास के साथ हो चुका है। जैसे ही घड़ी में रात के 12 बजे, पूरा भारत उत्सव और नई उमंगों के रंग में सराबोर नजर आया।
PM Modi New Year Message 2026 : नए साल 2026 की शुरुआत : पीएम मोदी ने संस्कृत के 'महामंत्र' से दी देशवासियों को बधाई, बताया जीवन का असली लक्ष्य
PM Modi Sanskrit Shlok Meaning : नई दिल्ली : साल 2026 का आगाज दुनिया भर में हर्षोल्लास के साथ हो चुका है। जैसे ही घड़ी में रात के 12 बजे, पूरा भारत उत्सव और नई उमंगों के रंग में सराबोर नजर आया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक विशेष और प्रेरणादायक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने प्राचीन भारतीय ज्ञान का सहारा लिया और एक विशेष संस्कृत श्लोक शेयर कर बताया कि नए साल में हमारा संकल्प और जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए।
PM Modi Sanskrit Shlok Meaning : नए संकल्प और आत्मविश्वास का वर्ष: पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने लिखा कि यह नया साल 2026 हर किसी के लिए नई आशाएं, नए संकल्प और एक नया आत्मविश्वास लेकर आए। पीएम ने जोर दिया कि साल बदलने के साथ-साथ हमें अपने भीतर भी एक सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। उनका यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक पटल पर एक नई शक्ति बनकर उभर रहा है, और पीएम ने इसे आगे बढ़ने की प्रेरणा से जोड़कर पेश किया।
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया जीवन दर्शन का पाठ प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जिस संस्कृत श्लोक का उल्लेख किया, वह न केवल आध्यात्मिक है बल्कि आज के आधुनिक युग में सफलता का सूत्र भी है।
श्लोक : ज्ञानं विरक्तिरैश्वर्यं शौर्यं तेजो बलं स्मृतिः। स्वातन्त्र्यं कौशलं कान्तिर्धैर्यं मार्दवमेव च ॥
इसका गहरा अर्थ और संदेश : पीएम मोदी ने इस श्लोक के माध्यम से जीवन के 12 महत्वपूर्ण गुणों को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि ज्ञान, वैराग्य, ऐश्वर्य, शौर्य ,तेज, बल और स्मृति के साथ-साथ स्वतंत्रता, कौशल, कांति, धैर्य और कोमलता का मिश्रण ही एक सफल मनुष्य की पहचान है। प्रधानमंत्री का मानना है कि केवल भौतिक उन्नति ही नहीं, बल्कि इन मानवीय गुणों को आत्मसात करना ही नए साल में हमारा लक्ष्य होना चाहिए। विशेषकर कौशल और धैर्य पर उनका जोर युवाओं को स्किल इंडिया की ओर प्रेरित करता है।
न्यूजीलैंड से लेकर इंडिया गेट तक: दुनिया ने किया इस्तकबाल
साल 2026 का स्वागत वैश्विक स्तर पर बेहद भव्य रहा। अंतरराष्ट्रीय समय चक्र के कारण भारत से पहले दुनिया के 29 देशों ने नए साल का जश्न मना लिया था। सबसे पहले न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित स्काई टावर पर की गई आतिशबाजी ने दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद सिडनी, टोक्यो और दुबई जैसे शहरों से जश्न की तस्वीरें सामने आईं।
भारत में भी उत्सव का माहौल देखते ही बनता था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर हजारों की तादाद में लोगों ने उमड़कर एक साथ काउंटडाउन किया। वहीं, जम्मू-कश्मीर की वादियों में बर्फबारी के बीच पर्यटकों ने नाच-गाकर नए साल का स्वागत किया।
विकसित भारत की ओर एक और कदम
प्रधानमंत्री का यह संस्कृत संदेश महज एक बधाई नहीं है, बल्कि एक विजन है। उन्होंने आधुनिक भारत की प्रगति के बीच सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान किया है। नए साल की यह सुबह करोड़ों भारतीयों के लिए पीएम मोदी के उन शब्दों के साथ शुरू हुई है, जो उन्हें व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने का आह्वान करते हैं।