Nandini Chakraborty News: कौन हैं IAS नंदिनी चक्रवर्ती? चुनाव से पहले बनीं बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव, पढ़ें चुनावी साल में इस बदलाव के क्या है मायने?
Nandini Chakraborty News: पश्चिम बंगाल में 1994 बैच की आईएएस नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव बनाया गया है। चुनाव से पहले ममता बनर्जी के इस फैसले का क्या मतलब है, जानिए पूरी प्रोफाइल।
Nandini Chakraborty News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। 1994 बैच की आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव बन गई हैं। अब तक यह जिम्मेदारी निभा रहे मनोज पंत का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो गया। सरकार ने उन्हें पहले ही छह महीने का एक्सटेंशन दिया था। उनके रिटायरमेंट के बाद नंदिनी चक्रवर्ती को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कौन हैं नंदिनी चक्रवर्ती?
नंदिनी चक्रवर्ती फिलहाल राज्य में अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात थीं। वह 2023 के आखिर से गृह विभाग की अहम जिम्मेदारी संभाल रही थीं। प्रशासनिक हलकों में उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भरोसेमंद अफसरों में गिना जाता है। अपने करियर में नंदिनी चक्रवर्ती कई अहम पदों पर रह चुकी हैं। वह गृह सचिव राज्यपाल की प्रधान सचिव और पर्यटन विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
बंगाल की बेटी पहली महिला मुख्य सचिव
नंदिनी चक्रवर्ती का जन्म 1 जून 1969 को हुआ था। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और उनकी पहली भाषा बंगाली है। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भूगोल में एमए किया है और जाधवपुर यूनिवर्सिटी की छात्रा रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनावी साल में एक बंगाली महिला अधिकारी को मुख्य सचिव बनाना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं है। जिस तरह राज्य में भाषा और पहचान का मुद्दा चर्चा में रहता है उसमें यह नियुक्ति एक साफ संदेश भी देती है।
गृह सचिव बदले, मीणा को नई जिम्मेदारी
नंदिनी चक्रवर्ती के मुख्य सचिव बनने के बाद राज्य सरकार ने गृह सचिव की जिम्मेदारी जगदीश प्रसाद मीणा को सौंपी है। प्रशासनिक फेरबदल ऐसे वक्त हुआ है जब राज्य में मार्च–अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं। तृणमूल कांग्रेस चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है और मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी से माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन के शीर्ष पद पर किया गया यह बदलाव चुनाव से पहले सरकार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।