Meghalaya Mine Blast: मेघालय में अवैध कोयला खदान में भीषण ब्लास्ट, 10 मजदूरों की की जान गई, कई मलबे में फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Meghalaya Mine Blast: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण डायनामाइट विस्फोट हो गया। हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है

Update: 2026-02-05 12:06 GMT

नई दिल्ली 5 फरवरी 2026: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण डायनामाइट विस्फोट हो गया। हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है जबकि कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है।

घटना जिले के सुदूरवर्ती मयन्संगट थांगस्को इलाके में हुई जहां एक पहाड़ी पर अवैध रूप से कोयला खनन किया जा रहा था। शुरुआती अपडेट के मुताबिक विस्फोट के बाद पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए।

रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया

विस्फोट की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अग्निशमन सेवा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि यह डायनामाइट विस्फोट का मामला है। उन्होंने कहा कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मलबे में और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी थांगस्को गांव में एक अवैध खदान में विस्फोट हुआ था, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद इलाके में गैर-कानूनी खनन पर सवाल उठ रहे हैं।

‘रैट-होल’ माइनिंग पहले से है प्रतिबंध

गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक ‘रैट-होल’ कोयला खनन को इसके अवैज्ञानिक और जानलेवा होने की वजह से प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों में अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।

मेघालय हाई कोर्ट की निगरानी समिति के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके पहले भी कह चुके हैं कि सरकारी आश्वासनों के बावजूद अवैध कोयला खनन पूरी तरह नहीं रुका है। वहीं, मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने पहले दावा किया था कि जिला प्रशासन सतर्क है और अवैध खनन से जुड़े एक हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

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