Ladli Behna Yojana BMC Election : लाडली बहन योजना पर चुनावी घमासान : वोटिंग से ऐन पहले 3000 की किस्त पर बवाल, चुनाव आयोग ने सरकार से मांगा जवाब
Ladli Behna Yojana BMC Election :महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों की गहमा-गहमी के बीच लाडली बहन योजना को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है
Ladli Behna Yojana BMC Election : लाडली बहन योजना पर चुनावी घमासान : वोटिंग से ऐन पहले 3000 की किस्त पर बवाल, चुनाव आयोग ने सरकार से मांगा जवाब
मुंबई। BMC Election 2026 : महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों की गहमा-गहमी के बीच लाडली बहन योजना को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है, 15 जनवरी को होने वाले मतदान से ठीक एक दिन पहले, यानी 14 जनवरी मकर संक्रांति को राज्य की महायुति सरकार महिलाओं के खाते में 3000 रुपये डालने की तैयारी में है, कांग्रेस ने इसे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन बता रहे हैं और चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया हैं इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव के द्वारा सरकार से जवाब माँगा
BMC Election 2026 : कांग्रेस का आरोप यह सरकारी घूस है
कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में बड़ा आरोप लगाया हैं, कांग्रेस का कहना हैं की वोटिंग से महज 24 घंटे पहले करीब 1 करोड़ महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करना मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने की कोशिश है। कांग्रेस महासचिव संदेश कोंडविलकर ने इसे सरकारी घूस कहा हैं और मांग की है कि इस किस्त को मतदान संपन्न होने के बाद ही जारी किया जाए, पार्टी का कहना है कि वो योजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चुनाव के ठीक पहले पैसे बांटना निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ है।
बीजेपी ने कहा कांग्रेस महिला विरोधी है
दूसरी तरफ, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया बीजेपी ने कहा है की कांग्रेस हमेशा से लोक कल्याणकारी योजनाओं में रोड़ा अटकाती रही है और इस विरोध ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस महिला विरोधी है। सरकार का कहना हैं की संक्रांति के पर्व पर बहनों को तोहफा देना पहले से निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, हमेशा हर चीज को चुनाव से नही जोड़ देना चाहिए
चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश कुमार को पत्र लिखकर आज ही सरकार का पक्ष रखने को कहा हैं ,आयोग यह जांच कर रहा है कि क्या मतदान से ठीक पहले इतनी बड़ी रकम का भुगतान चुनाव आचार संहिता के दायरे में आता है या नहीं, यदि आयोग इस नियम को गलत मानता है, तो 14 जनवरी को होने वाले इस भुगतान पर रोक भी लगाई जा सकती है।
संक्रांति पर 3000 रुपये का दांव
सरकार के योजना के अनुसार, दिसंबर और जनवरी महीने की संयुक्त किस्त मकर संक्रांति के मौके पर दी जानी है। राज्य की करोड़ों महिलाएं इस राशि का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं, लेकिन अब पूरा फैसला चुनाव आयोग की रिपोर्ट और सरकार के जवाब पर टिका है, बीएमसी चुनाव के नतीजों पर इस योजना का बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है