IAS Rajendra Patel Kumar Suspend: आईएएस राजेंद्रकुमार पटेल सस्पेंड, करोड़ों की रिश्वत लेने का आरोप, काम के बदले लेते थे 50 प्रतिशत हिस्सा
IAS Rajendra Patel Kumar Suspend: गुजरात के 2015 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल को रिश्वतखोरी भारी पड़ गयी. गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने आईएएस राजेंद्र कुमार पटेल को निलंबित (IAS Rajendra Patel Kumar suspend) कर दिया गया है.
IAS Rajendra Patel Kumar Suspend
IAS Rajendra Patel Kumar Suspend: अहमदाबाद: गुजरात के 2015 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल को रिश्वतखोरी भारी पड़ गयी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद सुरेंद्रनगर के पूर्व जिलाधिकारी आईएएस राजेंद्र कुमार पटेल पर (IAS Rajendra Kumar Patel Money Laundering Case) अब सरकार की गाज गिरी है. गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने आईएएस राजेंद्र कुमार पटेल को निलंबित (IAS Rajendra Patel Kumar suspend) कर दिया गया है.
आईएएस राजेंद्रकुमार पटेल निलंबित
जानकारी के मुताबिक़, सुरेंद्रनगर के पूर्व जिलाधिकारी और 2015 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद निलंबित किया गया है. 2 जनवरी को राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सात जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया यही. जिसके बाद निलंबित कर दिया गया है.
क्या है मामला
दरअसल, पूरा मामला भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) के आवेदनों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत लेने का है. आईएएस पर आरोप है वह भूमि उपयोग परिवर्तन आवेदन पास करने के बदले 5 से 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से रिश्वत लेते थे. इतना ही नहीं जल्दी काम के बदले ज्यादा रिश्वत की मांग करते थे. इस तरह आईएएस राजेंद्र कुमार पटेल 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अर्जित की.
भूमि उपयोग परिवर्तन आवेदन पास कराने के बदले रिश्वत
ईडी की जांच के अनुसार, आईएएस अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल सुरेंद्रनगर के जिलाधिकारी थे तब यह घोटाले की घटना हुई है. ईडी को सूचना सुरेंद्र नगर के जिला कलेक्टर और कुछ अन्य सरकारी अधिकारी द्वारा वित्तीय घोटाला किये जाने सूचना मिली थी. इनके द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल कर कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित करने के लिए बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी की जा रही है.
रिश्वत का 50 प्रतिशत हिस्सा रखते थे आईएएस
जिसके बाद ईडी की टीम ने, छापा मारकर डिप्टी मामलातदार (राजस्व अधिकारी) चंद्रसिंह भूपतसिंह मोरी को पकड़ा. पूछताछ में पता चला रिश्वत का 50 प्रतिशत जिला कलेक्टर को जाता था. 25 प्रतिशत एडिशनल कलेक्टर आरके ओझा, 10 प्रतिशत खुद और बाकी अन्य को जाता था. जिला कलेक्टर कार्यालय और जिला कलेक्टर कार्यालय के अन्य अधिकारियों के यहां छापा मारा. और दस्तावेजों के आधार पर आईएएस राजेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया.
करोड़ों का घोटाला किया
जांच में पता चला, आईएएस रिश्वत की रकम सीधे नही लेते थे. जिलाधिकारी कार्यालय से जुड़े मध्यस्थों के एक नेटवर्क के जरिये रिश्वत की रकम लिए जाती थी. इतना ही नहीं आईएएस के पर्सनल असिस्टेंट अकाउंट्स संभालते थे और फिर उनका फिजिकली उनके पास पहुंचाते थे. इस तरह उन्होंने करोड़ों का घोटाला किया. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. अब उन्हें ससपेंड कर दिया गया है.