MP Police Promotion News: मध्य प्रदेश में 12 साल बाद खुला DSP प्रमोशन का रास्ता, CM मोहन यादव ने IPS मीट में दिया तोहफा, पढ़ें क्या कहा?
MP Police Promotion: मध्य प्रदेश पुलिस में सालों से प्रमोशन का इंतज़ार कर रहे अफसरों के लिए आखिरकार बड़ी खुशखबरी आ गई है। DSP से Additional SP पद पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
भोपाल 16 जनवरी 2026। मध्य प्रदेश पुलिस में सालों से प्रमोशन का इंतज़ार कर रहे अफसरों के लिए आखिरकार बड़ी खुशखबरी आ गई है। DSP से Additional SP पद पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। यह ऐलान खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने IPS मीट 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अभी-अभी फाइल पर साइन करके आए हैं जिससे DSP स्तर के अधिकारियों का 12 साल पुराना इंतज़ार अब खत्म होने जा रहा है।
12 साल से प्रमोशन रुका था– मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में आयोजित IPS मीट 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा हमारे यहां 12 साल से DSP Additional SP नहीं बन पाए थे। मुझे प्रसन्नता है कि आज मैं फाइल पर साइन करके आ रहा हूं। अब जल्द ही प्रमोशन का रास्ता खुलने की खबर आएगी।
साढ़े 12 हजार पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने सिर्फ प्रमोशन की बात नहीं की बल्कि भर्ती को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में हर साल भर्तियां की जा रही हैं आने वाले समय में 12,500 से ज्यादा पदों पर नई भर्तियां होंगी
मुख्यमंत्री ने पुलिस के अनुशासन और लगातार की जा रही कार्रवाई की भी खुलकर तारीफ की। उनका कहना था कि IAS–IPS सर्विस मीट का मकसद प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस से उम्मीद जताई कि संगठित अपराध के लिए MP में कोई जगह नहीं होनी चाहिए, केंद्रीय एजेंसियों के आने से पहले ही राज्य की पुलिस कार्रवाई करे, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और नए कानूनों के क्रियान्वयन में MP पुलिस देश के लिए मिसाल बने। 16 और 17 जनवरी को आयोजित IPS मीट 2026 में प्रदेश भर के IPS अधिकारी, उनके परिवारजन और रिटायर्ड IPS अफसर शामिल हो रहे हैं।
पहले दिन प्रोफेशनल सेशन में पुलिसिंग में नवाचार पर चर्चा हुई। इसके अलावा अफसरों और उनके परिजनों ने ट्राइबल म्यूज़ियम का भ्रमण किया और बच्चों के लिए गेम्स आयोजित किए गए।
DSP से Additional SP प्रमोशन का फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि पुलिस अफसरों के मनोबल को बढ़ाने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। 12 साल बाद खुले इस रास्ते से MP पुलिस में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल सकता है।