MP के इस मंदिर में अगर करना है वीआईपी दर्शन तो करना होगा रक्तदान, रक्तदान को बढ़ावा देने नेक पहल

MP News : इस पहल के तहत रक्तदाता भक्तों को वीआईपी दर्शन का पास मुफ्त में दिया जाएगा. काशी विश्वनाथ, तिरुपति बालाजी और शिर्डी में पहले से इस तरह की सुविधा चल रही है

Update: 2026-02-07 09:30 GMT

MP News : मध्य प्रदेश के एक मंदिर में एक नेक पहल हो रही है. इस मंदिर में वीआईपी दर्शन के बदले रक्तदान करने की पहल की गई है. यह जगह कोई और स्थल नहीं बल्कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर है जहाँ अब रक्तदान करने वाले भक्तों को वीआईपी एंट्री की सुविधा दी जाएगी.


मालूम हो की मध्य प्रदेश के MP News ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की संयुक्त पहल के तहत यह सुविधा शुरू की जा रही है. गौरतलब है की कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि जिले में एक महीने के भीतर रक्तदान करने वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की जाए. इस पहल के तहत रक्तदाता भक्तों को वीआईपी दर्शन का पास मुफ्त में दिया जाएगा. काशी विश्वनाथ, तिरुपति बालाजी और शिर्डी में पहले से इस तरह की सुविधा चल रही है. कलेक्टर का कहना है कि यह पहल रक्तदाताओं को सम्मानित करने और रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है.

रक्तदान महादान


मंदिर प्रबंधन का कहना है कि रक्तदान को धार्मिक दृष्टि से महादान माना जाता है. इसी कारण भक्तों को प्रोत्साहित करने और सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है. इस व्यवस्था के तहत रक्तदान करने वाले श्रद्धालु सीधे विशेष प्रवेश गेट से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे.

हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं ओंकारेश्वर मंदिर


ओंकारेश्वर मंदिर खंडवा जिले में नर्मदा नदी के मध्य मंधाता द्वीप पर स्थित है. ओंकारेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग में एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग है. हर साल यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-पाठ करने आते हैं. मंदिर ट्रस्ट का उद्देश्य है कि इस पहल से न केवल रक्तदान क बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों में सामाजिक सेवा और धर्म की भावना भी मजबूत होगी.


गौरतलब है की ॐकारेश्वर भगवान शिव का ज्योतिलिंग मंदिर है। यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है। यह नर्मदा नदी के बीच मन्धाता या शिवपुरी नामक द्वीप पर स्थित है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगओं में से एक है , सदियों पहले भील जनजाति ने इस जगह पर लोगो की बस्तियां बसाई और अब यह जगह अपनी भव्यता और इतिहास से प्रसिद्ध है । यह यहां के मोरटक्का गांव से लगभग (14 कि॰मी॰) दूर बसा है। यह द्वीप हिन्दू पवित्र चिन्ह ॐ के आकार में बना है।

Tags:    

Similar News