इंदौर में जहरीली गैस से 2 कर्मचारियों की मौत, CM ने की 30-30 लाख मुआवजे की घोषणा
Indore Sewer Chamber Accident: चोइथराम गेट स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर फल-सब्जी मंडी के सामने एक चैम्बर के सफाई के दौरान नगरनिगम के दो सफाई कर्मी की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गयी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतक कर्मचारियों के लिए 30 लाख रूपए मुआवजे की घोषणा की है.
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3 मार्च 2026, मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. सीवर के चैंबर की सफाई के दौरान में जहरीली गैस से 2 कर्मचारियों की मौत हो गयी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतक कर्मचारियों के लिए 30 लाख रूपए मुआवजे की घोषणा की है.
नगरनिगम के सफाईकर्मी की मौत
घटना जिले के चोइथराम गेट स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर फल-सब्जी मंडी के सामने एक चैम्बर की है. सोमवार को यह घटना हुई है. सीवर चैंबर की सफाई के दौरान नगरनिगम के दो सफाई कर्मी की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गयी. मृतकों की पहचान करण यादव और अजय दूधिया के रूप में हुई है.
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक़, करण यादव और अजय दूधिया निगम सफाई कर्मी थे. दोनों मशीन से सीवर चैंबर की सफाई का काम कर रहे थे. सफाई का काम पूरा होने के बाद मशीन का एक पार्ट चैंबर में गिर गया. जिसे निकालने के लिए एक कर्मी सीवर चैंबर में उतरा और वो बेहोश हो गया. उसे बचाने दूसरा भी उतरा, लेकिन जहरीली गैस से उनकी मौत हो गयी.
बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवरेज चैम्बर में उतरे थे
इसकी सूचना पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को निकालकर कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. पुलिस घटना की जांच कर रही है. प्राथमिक जांच में पता चला दोनों निगम कर्मी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवरेज चैम्बर में उतरे थे. जिस वजह से यह हादसा हुआ.
मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
इस घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने दोनों कर्मचारियों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं.
चेम्बर के गैस कैसे जा सकती है जान
बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के सेप्टिक टैंक की सफाई बहुत खतरनाक हो सकती है. क्योंकि टंकी के अंदर जहरीली गैस Hydrogen Sulfide (H₂S), मीथेन, और Carbon dioxide होता है. जबकि ऑक्सीजन कम होता है. टंकी में ऑक्सीजन कम होने से यह शरीर में ऑक्सीजन की जगह ले लेती है. जिससे चक्कर, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी होती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है.