लटोरी हत्यारोपी मौत मामला: मामले की न्यायिक जाँच होगी.. SP ने भेजा ज़िला सत्र न्यायाधीश को पत्र.. मृतक के छोटे भाई दीपक का आरोप – “पुलिस शाम को नही बल्कि दिन में दस बजे भैया को ले गई थी”

Update: 2020-11-24 12:22 GMT

सूरजपुर,24 नवंबर 2020।हत्या के मामले में आरोपी विद्युत विभाग के जेई पूनम सिंह कतलम की अस्पताल में हुई मौत मामले को लेकर लटोरी पुलिस सवालों में घिर गई है। हत्यारोपी मृतक पूनम कतलम के भाई दिलीप ने पुलिस के दावे को ग़लत बताते हुए पत्र सौंपा है। वहीं घटनाक्रम को लेकर कप्तान राजेश कुकरेजा ने प्रकरण की न्यायिक जाँच कराने के लिए सूरजपुर ज़िला सत्र न्यायाधीश को पत्र भेज दिया है।
पुलिस ने यह दावा किया था कि, पुलिस अभियुक्तों से पूछताछ शाम को पौने चार पर करवां सब स्टेशन में कर रही थी।उसी दौरान अभियुक्त पूनम सिंह कतलम ने तबियत ख़राब होने, साँस लेने में तकलीफ़ और घबराहट की शिकायत की जिसके बाद उसे पुलिस चौकी लाने की बजाय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लटोरी ले ज़ाया गया। जहां सुबह क़रीब चार बजे ह्रदयाघात से मौत हो गई।पुलिस ने यह दावा भी किया कि, हत्यारोपी मृतक पूनम सिंह कतलम की बात फ़ोन से परिजनों से कराई गई।
लेकिन पुलिस के इस दावे को मृतक के भाई दीपक कतलम ने झूठा बताया है। मृतक पूनम कतलम के भाई दीपक कतलम जो कि, शव को लेने पहुँचे थे, उन्होंने यह दावा किया है कि, पुलिस उनके भाई को शाम को नहीं बल्कि दिन में सुबह क़रीब दस बजे अपने साथ ले गई थी। मृतक के छोटे भाई दीपक कतलम ने इस बात से भी इंकार किया है कि, उनकी या परिजनों की बात मृतक पूनम कतलम से कराई गई।
देर शाम कप्तान राजेश कुकरेजा ने पूरे मसले की न्यायिक जाँच कराए जाने की बात कही और ज़िला सत्र न्यायाधीश को उक्ताशय का पत्र भेज दिया।
हत्यारोपी मृतक पूनम कतलम के शरीर पर चोटों के निशान है, हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह चोट उस विवाद से लगी जिसकी परिणिती हरिश्चंद्र की हत्या के रुप में हुई या कि यह पुलिस की पिटाई से आई चोटें हैं। यह स्पष्ट पीएन रिपोर्ट से हो पाएगा।
देर शाम जबकि मृतक को लेकर परिजन वापस जा रहे थे तब भाजपा इस पर सक्रिय हुई और मृतक के शव को ज़मीन पर रखकर नारेबाज़ी भी की गई। हालाँकि कुछ ही समय बाद मृतक पूनम कतलम के शव को लेकर परिजन पैतृक गाँव रवाना हो गए।

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