Spices And Herbs For PCOS: बेटी हो गई है पीसीओएस की मरीज? माँएं खाने में शामिल करें ये मसाले
Spices And Herbs For PCOS: बेटी हो गई है पीसीओएस की मरीज? माँएं खाने में शामिल करें ये मसाले
Spices and Herbs for PCOS (Photo: Pinterest)
Spices And Herbs For PCOS: बड़ी-बड़ी बीमारियां एक तरफ, आज के समय में महिलाओं खासकर युवतियों के साथ जो सबसे तेजी से बढ़ती हुई समस्या है वह है पीसीओएस। इसकी वजह से उनके पीरियड्स दो-दो, तीन-तीन महीने के गैप से आ रहे हैं या आ ही नहीं रहे हैं। और इसी वजह से उनके घर वालों की सांसें ऊपर-नीचे हो रही हैं कि ये बीमारी उनकी शादी में आड़े न आए। क्योंकि कई बार लंबे इलाज के बाद भी ऐसी युवतियों को गर्भधारण में दिक्कत आती है। इसलिए जैसे ही इस तरह की बीमारी के संकेत मिलें, माँओं को उनके खाने में कुछ मसाले शामिल करने चाहिए जिससे उन्हें बहुत फायदा हो सकता है। आइये जानते हैं खास मसालों के बारे में जो पीसीओएस से राहत दिला सकते हैं। पर पहले जानें कि पीसीओएस क्या है।
PCOS क्या है?
पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) एक ऐसी स्थिति है जिसमें इन्सुलिन रेजिस्टेंस के चलते महिलाओं के शरीर में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन होने लगता है और हार्मोंस का संतुलन बिगड़ जाता है।उनके शरीर में सामान्य से अधिक मात्रा में पुरुष हार्मोन बनने लगते हैं। उनके पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। शरीर में खासकर पेट के निचले हिस्से में फैट बढ़ने लगता है और चेहरे पर अनचाहे बाल आने लगते हैं।
पीसीओएस से राहत देंगे ये मसाले
मेथी दाना
अपनी बेटी को रोज़ मेथी दाना का पानी पीने को दें। रात में एक चम्मच मेथी गला दें और सुबह उसका पानी बेटी को दें। मेथी दाने का यह पानी इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। आप भोजन बनाने के दौरान भी मेथी दाना का इस्तेमाल बढ़ा सकती हैं।
दालचीनी
दालचीनी भी एक बेहद असरकारक मसाला है। दालचीनी हार्मोन के असंतुलन को दूर करती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करती है । आप बेटी को दालचीनी की चाय दे सकती हैं। यह शुगर कंट्रोल के साथ शरीर में इन्फ्लेमेशन को भी कम करेगी। जान लीजिए कि शरीर में छुपा ये अंदरूनी इन्फ्लेमेशन आपकी बेटी का बहुत बड़ा दुश्मन है।
स्पीयरमिंट
आईवीएफ विशेषज्ञों के अनुसार पीसीओएस से जूझ रही युवतियों के लिए स्पीयरमिंट बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटी-एंड्रोजेनिक गुण होते है। जिसके चलते यह महिलाओं के शरीर में ज्यादा बन रहे पुरुष हार्मोन 'एंड्रोजन' को कम करने में मदद करती है। बेटी को दिन में दो बार स्पीयरमिंट की चाय दें।
सौंफ
सौंफ को चबाकर खाने और इसका पानी पीने से भी पीसीओएस से राहत मिलती है। सौंफ बेटी के शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस को दूर करेगी। साथ ही सौंफ खाने से पाचन भी बेहतर होता है और मेटाबॉलिज्म सुधरता है जिससे उसके शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट धीरे-धीरे पिघलने लगेगा।
हल्दी
हल्दी के बारे में तो आप जानते ही हैं कि यह इन्फ्लेमेशन कम करने में बहुत मददगार है। रात को सोने से पहले अपनी बेटी को हल्दी वाला दूध दें और उसमें चुटकी भर काली मिर्च का पाउडर भी ज़रूर ऐड करें। इससे शरीर में हल्दी का अब्जॉर्प्शन बेहतर होगा और इन्फ्लेमेशन कम करने में मदद मिलेगी।
अदरक
हल्दी जैसी ही क्षमता अदरक में भी है और यह भी शरीर में इन्फ्लेमेशन को कम करती है। आप खाना बनाने में अदरक का इस्तेमाल कर सकती हैं और अदरक की चाय तो फिर सबको पसंद आते ही है।
तुलसी
तुलसी भी स्पीयरमिंट की तरह एंड्रोजन को नियंत्रित करती है। तुलसी की चाय भी आप अपनी बेटी को दे सकती हैं। सुबह खाली पेट तुलसी के चार-पांच पत्ते भी सीधे खाए जा सकते हैं। बस इन्हें चबाए नहीं। छोटा-छोटा तोड़कर निगल जाएं। एंड्रोजन को नियंत्रित करने के साथ ही यह ब्लड ग्लूकोज़ को भी कम करती है।