Asana For a Normal Delivery: नाॅर्मल डिलीवरी में मदद करेंगे ये तीन योगासन, बच सकती हैं सिज़ेरियन डिलीवरी से
Asana For a Normal Delivery: नाॅर्मल डिलीवरी में मदद करेंगे ये तीन योगासन, बच सकती हैं सिज़ेरियन डिलीवरी से
Asana For a Normal Delivery: गोद में बच्चे का आना जितना सुखद है, उतना ही कठिन है डिलीवरी का पल। और खासकर अगर सिज़ेरियन डिलीवरी करानी पड़े तो माँ को वापसी करने में बहुत समय लग जाता है। क्योंकि इसमें खून बहुत ज्यादा जाता है, कमज़ोरी लंबे समय तक बनी रहती है और साथ ही संक्रमण का खतरा भी रहता है। और अगर पहली डिलीवरी सिज़ेरियन हो तो दोबारा सिजेरियन की नौबत आने पर डिलीवरी के दौरान खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिये जहां तक हो सके, नाॅर्मल डिलीवरी के लिए प्रयास करने की सलाह दी जाती हैं। यहां हम योग एक्सपर्ट भारती गोयल के बताये कुछ आसन और एक्सरसाइज़ आपको बता रहे हैं जो आपको नाॅर्मल डिलीवरी कराने में मदद कर सकते हैं।
तितली मुद्रा (Butterfly Pose)
तितली मुद्रा नॉर्मल डिलीवरी में बहुत मददगार साबित हो सकती है। इसके लिए सीधे बैठें और पैरों को एक साथ जोड़ें। अपने हाथों से पैरों के पंजों को थाम लें। गहरी सांस लेते हुए स्पाइन को खींचें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे घुटनों को बाहर की ओर फड़फड़ाएं जैसे तितली अपने पंख फैलाती है। इस स्थिति में कुछ समय तक बैठें और गहरी सांस लें। तितली आसन को 5 से 7 बार करें।
फायदे- ये आसन पेल्विक मसल्स को मजबूत करता है और शरीर को नाॅर्मल डिलीवरी के लिए तैयार करता है।
मलासन (Full Squat Pose)
मल त्याग के पोज़ वाला मलासन भी नाॅर्मल डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करता है इसके लिए अपने पैरों को हिप्स की चौड़ाई तक फैलाएं और धीरे-धीरे हिप्स पर प्रेशर देते हुए स्क्वाट पोजीशन पर आने की कोशिश करें। अपनी एड़ियों को जमीन पर टिकाए रहने की कोशिश करें। जितनी नीचे तक आपसे सहजतापूर्वक मल त्याग पोजीशन में आते बन रहा है उतना करें अन्यथा आप कुशन या योगा ब्रिक की मदद ले सकती हैं, अपने हिप्स को उसपर टिका सकती हैं। अब हाथ जोड़ें। शुरुआत में इस मुद्रा में पांच गहरी सांस लेने तक रहें। बाद में क्षमता बढ़ने पर आप इसे 10 बार तक खींच सकती हैं।
फायदे- मलासन करने से पेल्विक एरिया खुलता है और बच्चे के जन्म के लिए जगह बनती है। निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे डिलीवरी आसान होती है।
कैट-काउ पोज़ (Cat-Cow Pose)
इसके लिए दोनों हाथ और घुटनों के सहारे झुकें मतलब कि एक चौपाए की तरह। इस स्थिति में आपके हाथ शोल्डर के नीचे हो और आपके घुटने हिप्स के नीचे। अब सांस भरते हुए अपने बैक को आर्च करें। अपने सिर को ऊपर खींचे। साथ छोड़ते हुए अपने बैक को राउंड करें और चिन को चेस्ट की तरफ लाएं। अब सांस भरते हुए इसे रिपीट करें। कैट काऊ पोज़ को आप 5 से 7 बार रिपीट कर सकती हैं।
फायदे- एब्डोमिनल मसल्स को मजबूती देता है और पेल्विक मोबिलिटी को इंप्रूव करता है ।साथ ही इस आसन का बहुत बड़ा फायदा यह है कि यह आपके बेबी को नॉर्मल डिलीवरी के लिए सही पोजीशन में लाने में मदद करता है ।
ध्यान रखें- इन सभी आसनों को आप योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में ही सीखें और उसके बाद ही घर पर दोहराएं।