Chanakya Niti: जीवन में बढ़ रही है दुश्मनों की संख्या; जानिए बढ़ते शत्रुओं से बचने के 4 आसान और अचूक उपाय!
Chanakya Niti: इस लेख में हम आपको ऐसी नीतियों के बारे में बताएंगे जो जीवन में बढ़ रही दुश्मनों की संख्या को आसानी से कम कर देगी।
Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार हर मनुष्य के जीवन में उसे दबाने वाले, नीचा दिखाने वाले शत्रु होते ही है, यह कोई आश्चर्य या भय की बात नहीं है। जब भी आप किसी व्यक्ति से एक कदम भी आगे बढ़ेंगे तो वह आपको पीछे खींचने की पूरी कोशिश करेगा। आपके निरंतर आगे बढ़ते रहने पर शत्रुओं की संख्या भी बढ़ती रहती है। इस स्थिति में कई लोगों को लगता है कि क्या आगे बढ़ना और तरक्की करना ही छोड़ दिया जाए या इसका कोई अन्य उपाय है? तो इस प्रकार की समस्या के लिए आचार्य चाणक्य की कूटनीतिज्ञ बुद्धि काम आती है, जिसमें सामने वाले शत्रुओं को उसकी ही चाल में बिना लड़े मात दे दिया जाता है। इस लेख में हम आपको ऐसी नीतियों के बारे में बताएंगे जो जीवन में बढ़ रही दुश्मनों की संख्या को आसानी से कम कर देगी।
अपनी कमजोरी छुपाते हुए शत्रु को समझने की कोशिश
चाणक्य नीति के अनुसार दुश्मन हमारी कमजोरियों को ढूंढता है वहीं लगातार वार करके हमें परास्त करने की कोशिश करता है इसलिए अपनी कमजोरी किसी को भी ना बताएं। सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप स्वयं अपनी कमजोरी को ढूंढे और उस पर लगातार काम करके उसे मजबूत बनाएं। साथ ही सामने वाले शत्रु को कमजोर समझने की कोशिश ना करें और अपनी सफलता का जिक्र कम करते हुए दुश्मन की मंशा को समझे कि वह क्या चाहता है, उसका मित्र कौन है, वह कैसा व्यक्ति है, उसकी अगली चाल क्या है।
दुश्मन को मित्र बनाने की कोशिश करें
चाणक्य नीति के अनुसार किसी दुश्मन को दूर भगाने से अच्छा है कि उसे अपने पास ही बुला लिया जाए यानी उसके साथ एक मित्र की तरह व्यवहार किया जाए। जब आप अपने किसी शत्रु से मित्र जैसा व्यवहार करते हैं तो आप उसके व्यवहार, कमजोरी और योजनाओ को समझने लगते है। इस नीति से आपको शत्रु के इरादे भी साफ-साफ नजर आएंगे लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि वह शत्रु भले ही मित्र जैसा व्यवहार कर रहा हो लेकिन समय आते ही वह धोखा भी दे सकता है। कई बार स्वयं के मित्र भी काफी काम आते हैं इसलिए ऐसे मित्र बनाओ जो आपको दुश्मनों से बचा कर रखें।
अपने कार्यों को हमेशा छुपाकर (गुप्त) करें
चाणक्य नीति का यह सबसे मजबूत स्तंभ है, जो यह कहता है कि अपने कार्यों को हमेशा गुप्त रखो। वर्तमान में यह समस्या लगभग सभी को है कि वे कुछ भी कार्य करें उसका सभी जगह ढिंढोरा पीट देते हैं। जब आपके कार्यों और योजनाओं का सभी लोगों को पता चल जाता है, तो आपके शत्रु भी अपने आप बढ़ जाते हैं। इसलिए केवल उन्हीं लोगों के साथ अपनी बातें साझा करें जो पूरी तरह से विश्वासपात्र हैं। यह बात हमेशा ध्यान रखें की आपकी गोपनीयता शत्रु को हमेशा अंधेरे में रखेगी।
धैर्य बनाते हुए अपनी भावनाओं को काबू में रखो
जब भी किसी मनुष्य का सभी तरफ से शत्रुओं का सामना होता है तो वह अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाता और एक के बाद एक बड़ी-बड़ी भूल कर बैठता है और यही चीज आपके शत्रु भी चाहते हैं कि आप उनके उकसाने पर तुरंत भड़क जाए और गलत निर्णय ले बैठे। ऐसी स्थिति में आपको धैर्य के साथ-साथ संयम भी बनाए रखना है और शत्रु के किसी गलत कदम का इंतजार करना है। जब भी आपका दुश्मन कोई बड़ी गलती करे ठीक उसी समय एक ही वार में उसे उजागर कर दो। इस नीति से वह दोबारा उठने की कोशिश भी नहीं करेगा।