Chanakya Niti: दांपत्य जीवन में पुरुष और स्त्री कैसे बनाएँ सही संतुलन! चाणक्य नीति की इन 5 बातों से वैवाहिक जीवन होगा सफल!
Chanakya Niti: आज समझने का प्रयास करेंगे साथ ही यह भी जानेंगे कि वैवाहिक जीवन में एक पुरुष और स्त्री को किस प्रकार से संतुलन बनाना चाहिए
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Chanakya Niti: इतिहास के प्रसिद्ध विद्वानों में आचार्य चाणक्य का नाम जरुर लिया जाता है। इनके द्वारा दिए गए राजनीति और कूटनीति के कई मूल मंत्र आज भी मानव जाति का कल्याण कर रहे हैं। इन्होंने पारिवारिक जीवन की खुशहाली के लिए भी कई मार्ग बताएं है, जो उस समय से लेकर आज तक व्यावहारिक बनी हुई है। आज के समय में दांपत्य जीवन का लंबे समय तक चलना काफी मुश्किल हो गया है। इस पर आचार्य चाणक्य ने अपने कई विचार और मार्गदर्शन भी दिए हैं जिन्हें आज समझने का प्रयास करेंगे साथ ही यह भी जानेंगे कि वैवाहिक जीवन में एक पुरुष और स्त्री को किस प्रकार से संतुलन बनाना चाहिए
अपनी फिलिंग्स को खुलकर शेयर करना चाहिए
यदि आपको अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनाए रखना है तो अपनी बातें सामने वाले से खुलकर करनी चाहिए। आपको सुख, दुख, गुस्सा या डर जो भी महसूस हो रहा हो उसे साफ शब्दों में बयां करे। विवाह दो व्यक्तियों के आत्मा और विचारों का मिलन होता है इसलिए कोई भी बात हो बेझिझक और शांत स्वभाव से कहे।
धन को लेकर साथ में चर्चाएं करें
किसी भी प्रकार के भौतिक चीजो की आवश्यकताएं धन से ही पूरी की जा सकती है और आज समय में आधे से अधिक रिश्ते केवल इसी वजह से ही टूट जाते हैं। इसलिए दांपत्य जीवन में आर्थिक मामलों को लेकर एक दूसरे से बिना कुछ छुपाए ही भविष्य की योजनाएं बनाएं। इस तरह से आप दोनों के बीच न ही कोई विवाद होगा और न ही रिश्ते में कोई दरार आएगी।
शारीरिक जरूरतों में मिलकर निर्णय ले
वैवाहिक जीवन में स्त्री और पुरुष दोनों की ही कुछ शारीरिक और मानसिक जरूरतें होती है। जिसको लेकर यदि दोनों के बीच संतुलन बिगड़ा तो यह पूरे रिश्ते को बर्बाद कर सकता है। इसलिए इन चीजो को लेकर आगे बढ़ने से पहले बिना शर्माए एक–दूसरे से बात कर सहमति बना ले।
अपनी गलती स्वीकार करें
आचार्य चाणक्य बताते हैं कि अहंकार व्यक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन होता है और इसी अहंकार के चक्कर में लोग अपनी गलतियां नहीं मानते और न ही सुधारने का प्रयास करते हैं लेकिन यही एक चीज रिश्तों को खराब कर सकती है। यदि आप वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे है तो बिना किसी लज्जा के अपनी गलती स्वीकार करें।
जीवनसाथी के आंतरिक गुणों पर ध्यान दें
ऐसे व्यक्ति जिनका विवाह हो चुका है या विवाह करने वाले है उन्हें एक चीज का ध्यान अवश्य रखना चाहिए वह है अपने जीवनसाथी की बाहरी सुंदरता से ज्यादा आंतरिक सुंदरता पर ध्यान देना। आतंरिक सुंदरता का मतलब है कि आपके पार्टनर में अच्छे संस्कार और स्वभाव को जरूर जांचना चाहिए।